Nari Shakti Vandan Adhiniyam: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासी संग्राम
अजय महावर ने विपक्ष पर साधा निशाना
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार ): महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। विधानसभा में जोरदार बहस के दौरान गोंडा से विधायक अजय महावर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक कदम बताते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कानून केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मामला नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने का संकल्प है। महावर ने आरोप लगाया कि जब-जब महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल हुई, तब-तब कुछ दलों ने भ्रम फैलाने और प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने समय रहते संवैधानिक संशोधनों के माध्यम से महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने की दिशा में ठोस कदम उठाए, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर महिलाओं के हितों को पीछे धकेलने की कोशिश की। विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान अजय महावर ने नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि यह केवल आरक्षण का कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को नीति-निर्माण में भागीदारी देने का एक व्यापक प्रयास है। महावर ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने पहले भी महिला आरक्षण का समर्थन करने का दिखावा किया, लेकिन जब इसे लागू करने का अवसर आया, तो वे पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से नीति निर्माण में संतुलन आएगा और शिक्षा, स्वास्थ्य व सुरक्षा जैसे मुद्दों को अधिक प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश में महिला नेतृत्व लगातार मजबूत हुआ है। द्रौपदी मुर्मू, निर्मला सीतारमण जैसे उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है और अब उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में और अधिक स्थान मिलना चाहिए।अजय महावर ने विपक्ष पर महिलाओं के मुद्दों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दल केवल राजनीति के लिए महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, जबकि वास्तविक सशक्तिकरण के प्रयासों का विरोध करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने संगठन स्तर पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर अपनी प्रतिबद्धता साबित की है। अपने भाषण के अंत में महावर ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं न केवल लाभार्थी रहेंगी, बल्कि नीति निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा, “अब हर मुकाम पर महिलाओं का अधिकार सुनिश्चित होगा और कोई भी उनकी उड़ान को रोक नहीं पाएगा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासी घमासान: Ajay Mahawar ने विपक्ष पर साधा निशाना
नई दिल्ली में महिला आरक्षण को लेकर राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। विधानसभा में हुई जोरदार बहस के दौरान Ajay Mahawar ने Nari Shakti Vandan Adhiniyam को ऐतिहासिक कदम बताते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कानून सिर्फ राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में एक मजबूत पहल है।
अपने संबोधन में महावर ने आरोप लगाया कि जब-जब महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कदम उठाए गए, तब-तब कुछ राजनीतिक दलों ने भ्रम फैलाने और प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने संवैधानिक संशोधनों के जरिए महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर महिलाओं के हितों को पीछे धकेलने की कोशिश की।
महावर ने Narendra Modi सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल आरक्षण का कानून नहीं है, बल्कि महिलाओं को नीति-निर्माण में भागीदारी देने का व्यापक प्रयास है।
उन्होंने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने पहले भी महिला आरक्षण का समर्थन करने का दिखावा किया, लेकिन जब इसे लागू करने का मौका आया, तो वे पीछे हट गए। महावर के अनुसार, संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से नीति निर्माण में संतुलन आएगा और शिक्षा, स्वास्थ्य व सुरक्षा जैसे मुद्दों को अधिक प्राथमिकता मिलेगी।
अपने भाषण में उन्होंने देश में उभरते महिला नेतृत्व का भी जिक्र किया। Droupadi Murmu और Nirmala Sitharaman का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है और अब उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में और अधिक स्थान मिलना चाहिए।
महावर ने विपक्ष पर महिलाओं के मुद्दों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दल केवल राजनीति के लिए महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, जबकि वास्तविक सशक्तिकरण के प्रयासों का विरोध करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने संगठन स्तर पर 33 प्रतिशत आरक्षण देकर अपनी प्रतिबद्धता साबित की है।
अपने संबोधन के अंत में Ajay Mahawar ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं रहेंगी, बल्कि नीति निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि अब हर स्तर पर महिलाओं के अधिकार सुनिश्चित होंगे और उनकी प्रगति को कोई नहीं रोक पाएगा।



