Mumbai Pune Expressway jam: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 30 घंटे बाद भी लंबा जाम, सोते ड्राइवरों को जगाकर हटाई जा रहीं गाड़ियां
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर पलटने के 30 घंटे से ज्यादा समय बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। एक्सप्रेसवे पर अब भी 20 से 22 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है, जिससे हजारों वाहन चालक और यात्री परेशान हैं। बोरघाट सेक्शन को तकनीकी रूप से साफ कर दिया गया है, लेकिन सड़क पर फंसे वाहनों और बीच रास्ते में सो गए ड्राइवरों के कारण ट्रैफिक की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। स्थिति यह है कि ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन को कई ड्राइवरों को जगाकर उनकी गाड़ियां आगे बढ़ानी पड़ रही हैं।
पुणे सीमा में खंडाला से वडगांव मावल तक एक्सप्रेसवे और इससे जुड़ी पुरानी सड़कों पर मंगलवार रात से ही वाहन फंसे हुए थे। लंबे इंतजार और थकान के चलते कई ड्राइवर अपनी गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी कर सो गए, जिससे रास्ता खुलने के बावजूद ट्रैफिक आगे नहीं बढ़ सका। हालांकि 32 घंटे बाद खंडाला घाट में पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यातायात बहाल कर दिया गया है, लेकिन लोणावला के आसपास हालात अभी भी बेहद खराब बने हुए हैं। लोणावला के पास अब भी 5 से 10 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
यह हादसा मंगलवार शाम करीब 5 बजे रायगढ़ जिले के खंडाला घाट सेक्शन में हुआ था, जब अत्यधिक ज्वलनशील प्रोपलीन गैस से भरा एक टैंकर ढलान पर नियंत्रण खो बैठा और पलट गया। टैंकर पलटते ही गैस लीक होने लगी, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन मुंबई की ओर जाने वाली लेन को तुरंत बंद कर दिया। इसके चलते दोनों दिशाओं में यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले 94.5 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के बंद रहने से सैकड़ों वाहन रात भर जाम में फंसे रहे। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। यात्रियों को खाने, पीने के पानी और टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी किल्लत झेलनी पड़ी। महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की एक बस के कंडक्टर ने बताया कि उनकी बस हादसे वाली जगह के पास छह घंटे से ज्यादा समय तक खड़ी रही।
सोशल मीडिया पर भी यात्रियों का गुस्सा देखने को मिला, जहां कई लोगों ने एक्सप्रेसवे को ‘पार्किंग लॉट’ बताया और दूसरों से इस रास्ते से यात्रा न करने की अपील की। प्रशासन का कहना है कि धीरे-धीरे ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा रहा है और फंसे हुए वाहनों को सुरक्षित तरीके से आगे निकाला जा रहा है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी और वक्त लग सकता है।



