Madagascar Coup: मेडागास्कर में सेना ने पूरी आर्मी पर कब्जा किया, राष्ट्रपति राजोएलिना की चुनौती
मेडागास्कर में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है, जहां राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना द्वारा सरकार बर्खास्त किए जाने के बावजूद स्थिति नियंत्रित नहीं हो पाई। अब देश की सेना की एक युनिट ने पूरे सशस्त्र बलों पर कब्जा कर लिया है और नया सैन्य प्रमुख नियुक्त किया है। राष्ट्रपति ने इसे “अवैध सत्ता पर कब्जा” करार देते हुए निंदा की है।
25 सितंबर, 2025 को मेडागास्कर में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हुए थे। पिछले दो सप्ताह में कई लोग मारे गए और राजधानी में लगातार रैलियां आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान CAPSAT दल के सैनिक प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुए और उन्हें खुलेआम समर्थन दिया। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, इस युनिट के सैनिक हजारों प्रदर्शनकारियों के बीच शहर के केंद्र में दाखिल हुए और भीड़ ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
रविवार तड़के, CAPSAT दल ने एक वीडियो बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि “अब से, मालागासी सेना के सभी आदेश — चाहे भूमि, वायु या नौसेना — CAPSAT मुख्यालय से जारी किए जाएंगे।” यह ऐलान इस बात का प्रतीक था कि सेना की इस युनिट ने पूरी सेना पर नियंत्रण हासिल कर लिया है।
कुछ घंटों बाद, सेना मुख्यालय में आयोजित समारोह में नए सेनाध्यक्ष जनरल डेमोस्थनी पिकुलस को चुना गया। समारोह में सशस्त्र बल के मंत्री मनंतसोआ डेरामासिंजाका राकोतोरिवेलो भी मौजूद थे। इस घटना ने मेडागास्कर में राजनीतिक स्थिरता को चुनौती दी है और देश में सेना और नागरिक सरकार के बीच टकराव की संभावना बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना उन सैनिकों की भूमिका पर भी सवाल उठाती है जिन्होंने 16 साल पहले राष्ट्रपति राजोएलिना को सत्ता में लाया था। अब वही लोग सेना के पूर्ण नियंत्रण में हैं, जो देश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
मेडागास्कर में इस समय की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा और राजनीतिक गतिविधियों पर सतर्क नजर रखी जा रही है।



