Kerala Landslide: केरल में रेड अलर्ट, भारी बारिश और भूस्खलन से 6 की मौत, कई जिलों में राहत-बचाव अभियान तेज
तिरुवनंतपुरम, 1 अगस्त : केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन, जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इडुक्की, कोट्टायम और पथानमथिट्टा जिलों में अलग-अलग भूस्खलन की घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
सबसे अधिक प्रभावित मध्य और पहाड़ी क्षेत्र रहे हैं। इडुक्की, कोट्टायम, पथानमथिट्टा और कोझिकोड जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, सड़क संपर्क बाधित हुआ और निचले इलाकों में पानी भर गया। नदियों और जलाशयों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
इडुक्की जिले के कुदायथूर के निकट अडूरमाला क्षेत्र में हुए भूस्खलन में 65 वर्षीय सुमति की मौत हो गई, जबकि उनके पति और पुत्र घायल हो गए। वहीं, कोट्टायम जिले के पूंजर और वागामोन क्षेत्रों में भी भूस्खलन की घटनाओं में जनहानि की पुष्टि हुई है। राहत दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की और सभी प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। राज्यभर में 65 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां अब तक 1,465 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। प्रशासन का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर और अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी की गई है।
भारी बारिश से राज्य में व्यापक संपत्ति का भी नुकसान हुआ है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 17 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 127 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। कोट्टायम जिले के पाला क्षेत्र में एक पोल्ट्री फार्म में पानी भरने से करीब 2,500 मुर्गियों की मौत हो गई। राज्य सरकार ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों, घर खोने वाले परिवारों तथा अपनी आजीविका प्रभावित होने वाले किसानों और व्यापारियों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के मुफ्त और बेहतर इलाज की व्यवस्था भी की गई है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तिरुवनंतपुरम, पथानमथिट्टा, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर और कन्नूर जिलों के कई बांधों के गेट एहतियातन खोल दिए गए हैं। अलप्पुझा जिले में थोट्टापल्ली स्पिलवे के गेट भी खोल दिए गए हैं ताकि अतिरिक्त पानी की निकासी कर बाढ़ के खतरे को कम किया जा सके। तटीय जिलों एर्नाकुलम, अलप्पुझा, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड में समुद्र की ऊंची लहरों को लेकर भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पथानमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान 204 मिलीमीटर से अधिक अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। वहीं एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।



