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Indian Army: सेना की वर्दी जैसे अवैध कपड़े के रैकेट का भंडाफोड़, राजस्थान में 1,000 मीटर फैब्रिक जब्त

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Indian Army: सेना की वर्दी जैसे अवैध कपड़े के रैकेट का भंडाफोड़, राजस्थान में 1,000 मीटर फैब्रिक जब्त

श्रीगंगानगर, 1 अगस्त : स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने राजस्थान के सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना की नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म के पैटर्न से मिलते-जुलते करीब 1,000 मीटर अवैध कपड़े को जब्त किया है। यह कार्रवाई भारतीय सेना की खुफिया इकाइयों और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त रूप से की। अधिकारियों के अनुसार, यह कपड़ा बिना किसी वैधानिक अनुमति के बाजार में बेचा जा रहा था। सीमावर्ती क्षेत्र में सेना की वर्दी जैसे कपड़े की अवैध बिक्री को सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक इस कार्रवाई की शुरुआत जून 2026 में उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई एक कार्रवाई से हुई थी। वहां भारतीय सेना के कॉम्बैट पैटर्न से मिलते-जुलते नकली कपड़े की खेप बरामद की गई थी। जांच के दौरान इस सप्लाई नेटवर्क का स्रोत राजस्थान के श्रीगंगानगर तक पहुंचा। इसके बाद सेना की खुफिया इकाइयों ने गुप्त जांच शुरू की और पूरे नेटवर्क की निगरानी की।

जांच में एक स्थानीय फर्म की भूमिका सामने आई, जिसे इस नेटवर्क की प्रमुख कड़ी बताया जा रहा है। आरोप है कि यही फर्म श्रीगंगानगर शहर के अलावा लालगढ़ जट्टान, सूरतगढ़ और आसपास के बाजारों में सेना के कॉम्बैट पैटर्न से मिलते-जुलते कपड़े की आपूर्ति कर रही थी। खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने कई दुकानों पर छापेमारी की, जहां से बड़ी मात्रा में संदिग्ध कपड़ा बरामद किया गया।

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि भारतीय सेना की वर्दी या उससे मिलते-जुलते कपड़े का निर्माण, बिक्री और वितरण निर्धारित नियमों के तहत ही किया जा सकता है। बिना अनुमति ऐसे कपड़े का निर्माण और व्यापार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। आशंका है कि इस तरह के कपड़े का इस्तेमाल असामाजिक या देशविरोधी तत्व सेना की पहचान का गलत फायदा उठाने, धोखाधड़ी करने या संवेदनशील क्षेत्रों में घुसपैठ जैसी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं।

इसी आशंका को देखते हुए भारतीय सेना की खुफिया इकाइयों ने पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस अवैध कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सेना जैसे पैटर्न वाला कपड़ा किन-किन जिलों और राज्यों तक भेजा गया।

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देशभर, विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई है। ऐसे समय में सेना की वर्दी जैसे कपड़े की अवैध बिक्री के खिलाफ की गई यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच के आधार पर आने वाले दिनों में अन्य स्थानों पर भी छापेमारी और कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल जब्त किए गए कपड़े को कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा होने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।

 

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