सत्य के साथ • आपके साथगुरुवार, 5 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Yamuna River Safari: यमुना क्रूज सफारी से दिल्ली-एनसीआर में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम : डॉ. यूके चौधरीDelhi Traffic Jam: दिवाली से पहले साउथ एक्स रिंग रोड पर कई किलोमीटर लंबा जाम, विकास मार्ग पर पैदल मार्च के चलते आज ट्रैफिक डायवर्जनParvinder Singh Jhota Murder Case: झोटा हत्याकांड में पंजाब सरकार और इंसाफ कमेटी के बीच समझौता, पत्नी को 2 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी, 6 नवंबर को होगा पोस्टमार्टमSharad Pawar Health Update: शरद पवार फिर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती, पीएम मोदी ने फोन कर पूछा हालचाल, बोले- आप आराम करिए, हम और सुप्रिया देश संभालेंगेSchool Child Death: मयूर विहार के निजी स्कूल में तीसरी कक्षा की बच्ची की अचानक मौत, CPR ट्रेनिंग और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवालChain Snatching: आनंद विहार में तीन झपटमारी की वारदातों का खुलासा, पांच पुराने मामलों में शामिल आरोपी गिरफ्तारIllegal Firecrackers: दिल्ली के शाहदरा में 311.97 किलो अवैध पटाखे बरामद, ANTF ने 26 वर्षीय युवक को किया गिरफ्तारGambling Arrest: दिल्ली के मंडोली एक्सटेंशन में ताश के पत्तों से जुआ खेलते दो आरोपी गिरफ्तार, 1,000 रुपये नकद बरामद

Ramban Landslide: जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर फिर भूस्खलन से बंद हुआ यातायात, घंटों फंसे रहे सैकड़ों वाहन

3 मिनट पढ़ें

Ramban Landslide: जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर फिर भूस्खलन से बंद हुआ यातायात, घंटों फंसे रहे सैकड़ों वाहन

जम्मू-कश्मीर के महत्वपूर्ण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) को एक बार फिर भूस्खलन के कारण बंद कर दिया गया है, जिससे सैकड़ों ट्रक और यात्री वाहन मार्ग में ही फंसे रह गए। रामबन जिले के चंबा सेरी क्षेत्र में हुए भूस्खलन के चलते यह अवरोध उत्पन्न हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उधमपुर जिले के गरनई चेक नाका पर ही वाहनों को रोक दिया।

ट्रैफिक डीएसपी जतिंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि रामबन के सेरी क्षेत्र में अचानक भूस्खलन हुआ है, जिसके चलते एनएच-44 को पूरी तरह बंद करना पड़ा। उन्होंने कहा, “हम लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए उधमपुर में ही वाहनों को रोक दिया गया है। सेरी में मलबा हटाने का काम चार से पांच घंटे तक चलेगा। उसके बाद हालात का मूल्यांकन करके हम हल्के वाहनों और यात्रियों को धीरे-धीरे वहां से निकालने का प्रयास करेंगे।”

यह मार्ग जम्मू-कश्मीर की जीवन रेखा माना जाता है, जो कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ता है। ऐसे में जब भी यह हाईवे बंद होता है, तो इसका असर आम नागरिकों, व्यापारियों और विशेष रूप से पर्यटकों पर गहरा पड़ता है।

करीब दस दिन पहले भी भारी बारिश के चलते यह मार्ग बंद किया गया था और उसके बाद सिर्फ एकतरफा यातायात की अनुमति दी गई थी। कुछ ही दिन पहले जब हालात सामान्य हुए, तो दोतरफा यातायात फिर से शुरू कर दिया गया। हालांकि, भारी मालवाहक ट्रकों के लिए अभी भी केवल एकतरफा यातायात ही अनुमति थी।

डीएसपी जतिंदर सिंह ने इस अवसर पर आम जनता और विशेष रूप से टूर ऑपरेटरों, ट्रक चालकों और पर्यटकों से अपील की कि वे बिना ट्रैफिक एडवाइजरी पढ़े यात्रा की योजना न बनाएं। उन्होंने कहा कि, “ट्रैफिक पुलिस हर रोज एक एडवाइजरी जारी करती है। सभी को चाहिए कि उसी के अनुसार यात्रा करें, ताकि रास्ते में कोई परेशानी न हो और न ही सुरक्षा को खतरा पहुंचे।”

वर्तमान में हाईवे के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में वाहन फंसे हुए हैं। कुछ लोग सड़क किनारे अपने वाहनों में समय बिताने को मजबूर हैं, तो कई यात्री भोजन और पानी की व्यवस्था न होने के कारण परेशान हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी राहत कार्यों के तहत प्राथमिक तौर पर मलबा हटाने पर जोर दिया जा रहा है।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर इस मार्ग की संवेदनशीलता को उजागर किया है, जो हर बरसात या भू-स्खलन की स्थिति में बाधित हो जाता है। स्थानीय प्रशासन ने मलबा हटाने के लिए मशीनरी तैनात कर दी है और प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *