International Yoga Day: योग को स्वास्थ्य, संतुलन और सक्रिय जीवन शैली का वैज्ञानिक मंत्र बताया : डॉ. मनोज कुमार “निराला”
नई दिल्ली ( स्पर्श भारद्वाज ) : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर “स्वस्थ उम्र के लिए योग” विषय के साथ यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूसीएमएस) एवं गुरु तेग बहादुर अस्पताल, दिल्ली में विशेष योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा बाह्य रोगी विभाग तथा जीवनशैली हस्तक्षेप केंद्र, शरीर क्रिया विज्ञान विभाग, यूसीएमएस, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं आम नागरिकों सहित लगभग 200 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. अरुण कुमार शर्मा, कार्यवाहक प्राचार्य, यूसीएमएस तथा प्रोफेसर (डॉ.) मनीष गुप्ता, शरीर क्रिया विज्ञान विभाग, यूसीएमएस की गरिमामयी उपस्थिति रही। योग एवं श्रवण स्वास्थ्य के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने वाले डॉ. मनोज कुमार “निराला” (वरिष्ठ वाणी-भाषा एवं श्रवण रोग विशेषज्ञ) की कार्यक्रम में विशेष सहभागिता रही। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि शरीर, मन और मस्तिष्क के बीच संतुलन स्थापित करने वाली वैज्ञानिक जीवन पद्धति है। डॉ. मनोज कुमार “निराला” ने बताया कि नियमित योगाभ्यास विशेष रूप से बढ़ती उम्र में शारीरिक क्षमता, मानसिक स्वास्थ्य, संतुलन, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर व्यक्ति स्वस्थ और सक्रिय जीवन की ओर अग्रसर हो सकता है। कार्यक्रम के दौरान योग विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की वैज्ञानिक उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि योग तनाव नियंत्रण, बेहतर श्वसन क्षमता, मानसिक शांति और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में अत्यंत सहायक है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बढ़ती उम्र के साथ स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए योग के महत्व के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना रहा।


