Indian Railway Fare Hike: आज से महंगा हुआ ट्रेन का सफर, 26 दिसंबर से लागू हुई नई टिकट दरें, जानिए पूरा गणित
नई दिल्ली। देशभर में ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आज से सफर थोड़ा महंगा हो गया है। रेल मंत्रालय द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार यात्री किराए में की गई बढ़ोतरी शुक्रवार से लागू हो गई है। यह बढ़ोतरी 26 दिसंबर या उसके बाद की टिकट बुकिंग पर प्रभावी होगी, जबकि इससे पहले बुक किए गए टिकटों पर नई दरें लागू नहीं होंगी।
रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करने वाले यात्रियों को इस बढ़ोतरी का असर महसूस होगा। साधारण क्लास में यात्रा करने पर प्रति किलोमीटर एक पैसे की वृद्धि की गई है। वहीं मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के नॉन-एसी क्लास के साथ-साथ सभी ट्रेनों के एसी क्लास के किराए में प्रति किलोमीटर दो पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के किराए में मामूली लेकिन निश्चित इजाफा होगा।
मंत्रालय ने बताया कि यह साल 2024 में दूसरी बार यात्री किराए में बढ़ोतरी है। इससे पहले जुलाई महीने में भी रेलवे ने किराए में संशोधन किया था। हालांकि, यात्रियों को राहत देते हुए उपनगरीय सेवाओं और सीजन टिकटों के किराए में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। यह फैसला रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
रेलवे के अनुसार गैर-उपनगरीय साधारण नॉन-एसी सेवाओं में सेकेंड क्लास साधारण, स्लीपर क्लास साधारण और फर्स्ट क्लास साधारण के किराए को ग्रेड के अनुसार तय किया गया है। स्लीपर क्लास साधारण और फर्स्ट क्लास साधारण के किराए में प्रति किलोमीटर एक पैसे की समान बढ़ोतरी की गई है, ताकि टिकट दरों में धीरे-धीरे और सीमित वृद्धि हो।
मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर क्लास, एसी चेयर कार, एसी 3-टियर, एसी 2-टियर और एसी फर्स्ट क्लास जैसी श्रेणियों के किराए में प्रति किलोमीटर दो पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद यदि कोई यात्री 500 किलोमीटर की यात्रा करता है तो उसे करीब 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
आधिकारिक अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत, दुरंतो, तेजस, हमसफर, अमृत भारत, महामना, गतिमान, गरीब रथ, जन शताब्दी, अंत्योदय, युवा एक्सप्रेस और अन्य प्रमुख ट्रेनों के मूल किराए को संशोधित वर्ग-वार ढांचे के अनुसार अपडेट किया गया है। रेलवे का कहना है कि यह संशोधन परिचालन लागत और सेवाओं की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए किया गया है।



