दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल के आने से कारोबार करना आसान, पारदर्शी और कम खर्चीला होगा : डॉ बसंत गोयल
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : दिल्ली मंत्रिमंडल ने राजधानी में व्यापार को सरल बनाने के लिए दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026 को मंजूरी दे दी है। अब इसे स्वीकृति के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। इस विषय पर बात करते हुए गोयल मेडिकोज के सीईओ, प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ बसंत गोयल ने कहा कि इस बिल के आने से दिल्ली में कारोबार करने में होने वाली परेशानी दूर होगी, कारोबार से जुड़ी विभिन्न स्वीकृति, पंजीकरण, लाइसेंस, अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) सहित अन्य औपचारिकताओं के लिए अलग अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। उन्होंने बताया कि इस बिल का उद्देश्य सरकार और उद्यमों के संबंधों को नियंत्रण और संदेह की व्यवस्था से निकालकर विश्वास और सुविधा पर आधारित बनाना है। डॉ गोयल ने बताया कि प्रस्तावित कानून के तहत पहले से वस्तु एवं सेवा कर, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास अधिनियम या श्रम संहिताओं के तहत पंजीकृत उद्यम को अलग से व्यापार, स्वास्थ्य व्यापार, खान पान गृह या दुकान एवं प्रतिष्ठान संबंधी पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि किसी भी आवेदक से वह दस्तावेज या जानकारी दोबारा नहीं मांगी जाएगी जो पहले से दिल्ली सरकार के किसी विभाग के पास उपलब्ध है। डॉ गोयल ने बताया कि कारोबार करने की स्वतंत्रता को बढ़ाने के लिए नेगेटिव लिस्ट आधारित व्यवस्था अपनाई जाएगी जिसके तहत कोई उद्यम किसी भी स्थान पर कोई भी गतिविधि कर सकेगा बशर्ते वह गतिविधि बिल की अनुसूची 2 में दी गई नकारात्मक सूची (अधिक जोखिम वाले) में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि इस बिल से दिल्ली में अब कारोबार करना आसान, पारदर्शी और कम खर्चीला होगा। डॉ गोयल ने बताया कि प्रस्तावित कानून में निरीक्षण व्यवस्था को भी विश्वास पर आधारित बनाने का प्रावधान है, किसी उद्यम के रजिस्ट्रेशन के बाद 3 साल तक सामान्य निरीक्षण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से कारोबार शुरू करने और चलाने में लगने वाला समय और लागत कम होगी।



