Human Trafficking Racket: दिल्ली पुलिस ने मानव तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, चार गिरफ्तार और तीन नाबालिग छुड़ाए

0
24

Human Trafficking Racket: दिल्ली पुलिस ने मानव तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, चार गिरफ्तार और तीन नाबालिग छुड़ाए

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सक्रिय एक बड़े मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसने नाबालिगों और गरीब मजदूरों को जबरन काम पर लगाकर उन्हें बंधुआ मजदूरी में झोंक रखा था। यह गिरोह दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर कमजोर और असहाय बच्चों तथा मजदूरों को निशाना बनाता था और फिर उन्हें जम्मू-कश्मीर ले जाकर घरेलू काम और अन्य मजदूरी के लिए बेच देता था। पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके चंगुल से तीन नाबालिगों को छुड़ाया गया है।

डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने बताया कि यह नेटवर्क दलालों और प्लेसमेंट एजेंटों की मदद से संचालित होता था। हर व्यक्ति की तस्करी के लिए यह गिरोह मोटी रकम वसूलता था—पुरुषों के लिए 20 से 25 हजार रुपये और महिलाओं के लिए 40 से 60 हजार रुपये तक। पुलिस की जांच में सामने आया कि पिछले दो वर्षों में इस गिरोह ने दर्जनों लोगों की तस्करी की थी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जम्मू-कश्मीर के गंदेरबल निवासी सलीम-उल-रहमान उर्फ वसीम (38), दिल्ली के बेगमपुर निवासी सूरज (31), उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी मोहम्मद तालिब और बाराबंकी निवासी सतनाम सिंह उर्फ सरदार जी के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि सलीम इस रैकेट का मुख्य सरगना है और उसने अब तक कई नाबालिगों और मजदूरों की तस्करी की है।

यह मामला तब उजागर हुआ जब भलस्वा डेयरी थाने में 15 और 13 साल की दो लड़कियों के गुमशुदा होने की शिकायत दर्ज कराई गई। तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस ने पता लगाया कि दोनों लड़कियां श्रीनगर ले जाई गई हैं। पुलिस टीम ने तत्काल श्रीनगर पहुंचकर 15 जून को दोनों को मुक्त कराया और दिल्ली वापस लाया।

पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी तालिब के पास से उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर का फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ। वह इस नकली आईडी का इस्तेमाल गिरफ्तारी से बचने और पीड़ित लड़कियों को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए करता था।

डीसीपी स्वामी ने बताया कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था और नाबालिगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था। फिलहाल चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट के तार और किन-किन राज्यों और लोगों से जुड़े हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here