Gurmeet Singh Sura: पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को विकसित करना केंद्र सरकार का लक्ष्य : गुरमीत सिंह सूरा
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : केंद्र सरकार ने 26 जुलाई 2026 को परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। इसी विषय पर बात करते हुए दिल्ली प्रदेश भाजपा के सचिव गुरमीत सिंह सूरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जारी अपने वीडियो संदेश में स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार सिर्फ पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहती है बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार की ओर आगे बढ़ रही है। श्री सूरा ने बताया कि निष्पक्ष, विश्वसनीय एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को विकसित करना तथा विद्यार्थियों का विश्वास बहाल करना अब केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हो चुका है और इसी के तहत केंद्र सरकार ने इस 6 सदस्यीय हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। उन्होंने बताया कि यह समिति राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रणाली का व्यापक निरीक्षण करेगी और विशेष रूप से तकनीक आधारित सुधारों का खाका तैयार करेगी और साथ ही ऐसी व्यवस्था विकसित करने की सिफारिश करेगी जिससे भविष्य में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों का खतरा न्यूनतम हो सके। श्री सूरा ने बताया की केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को और मजबूत कानूनी सुरक्षा देने की तैयारी भी कर चुकी है जिसके तहत सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों के रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 को पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को पूरी उम्मीद है कि नए प्रावधानों से पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और संगठित नकल जैसे अपराधों पर और प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। श्री सूरा ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है एक ऐसी परीक्षा प्रणाली विकसित करना जिस पर देश का हर छात्र बिना संदेह के भरोसा कर सके। उन्होंने बताया कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधार लागू किए जाएंगे।



