Old Vehicles Ban Delhi: 1 जुलाई से दिल्ली में पुराने वाहनों पर बैन, सड़कों से हटेंगे लाखों गाड़ियां

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Old Vehicles Ban Delhi: 1 जुलाई से दिल्ली में पुराने वाहनों पर बैन, सड़कों से हटेंगे लाखों गाड़ियां

दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए 1 जुलाई 2025 से एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इस दिन से राजधानी में 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल और 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने इस फैसले पर अंतिम मुहर लगा दी है। इन ‘एंड-ऑफ-लाइफ’ (EOL) वाहनों को जब्त कर स्क्रैप किया जाएगा।

CAQM और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर योजना तैयार की है और EOL वाहनों के हॉटस्पॉट चिन्हित कर लिए हैं। इस अभियान का उद्देश्य राजधानी की हवा को साफ करना है। अधिकारियों के अनुसार, 1 जून से 23 जून तक करीब 1.4 लाख वाहनों की पहचान EOL के रूप में की गई है, जबकि कुल 8.1 लाख वाहनों को सूचीबद्ध किया गया है।

दिल्ली के 498 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से 382 कैमरे पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए हैं, जबकि 116 CNG वाहनों की निगरानी करेंगे। हालांकि, पुरानी CNG गाड़ियों पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। ANPR तकनीक से रियल-टाइम में वाहन की उम्र सहित अन्य विवरण कुछ सेकंड में पता किया जा सकेगा।

CAQM सदस्य वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि दिल्ली की सड़कों से EOL वाहनों को हटाना अब टालने का विषय नहीं रहा। उन्होंने बताया कि यह मामला 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और 2018 में सुप्रीम कोर्ट में उठा था, लेकिन तकनीकी संसाधनों की कमी के चलते लागू नहीं हो सका था। रिसर्च में यह पाया गया है कि BS4 गाड़ियां, BS6 वाहनों की तुलना में 5.5 गुना अधिक प्रदूषण करती हैं।

नियमों के अनुसार, 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहन EOL की श्रेणी में आते हैं। दिल्ली में फिलहाल 80 लाख से अधिक रजिस्टर्ड वाहन हैं, जिनमें से लगभग 62 लाख वाहन EOL माने जा रहे हैं, जिनमें 41 लाख दोपहिया शामिल हैं।

दिल्ली पुलिस ने भी इस कार्रवाई के लिए तैयारी शुरू कर दी है। ट्रैफिक स्पेशल कमिश्नर अजय चौधरी ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी और लोगों से उम्मीद की जाती है कि वे अपने वाहनों को स्वेच्छा से स्क्रैप कराएंगे।

ANPR कैमरे जल्द ही दिल्ली के सभी 156 एंट्री पॉइंट्स पर लगाए जाएंगे। इनसे EOL वाहनों की पहचान होगी और फिर एक नोडल अधिकारी प्रवर्तन टीम के साथ मिलकर आवश्यक कार्रवाई करेगा। पेट्रोल पंपों के पास पुलिस और PCR वैन की तैनाती की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंपों पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

EOL वाहनों को जब्त कर उनका निपटारा दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा तय RVSF गाइडलाइंस के तहत किया जाएगा। यही नियम 1 नवंबर से गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और सोनीपत जैसे अधिक वाहन घनत्व वाले शहरों में भी लागू होंगे, जबकि शेष एनसीआर जिलों में 1 अप्रैल 2026 से इन्हें लागू किया जाएगा।

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