
अनधिकृत कॉलोनियों में मशीनों से सेप्टिक टैंकों की मुफ्त सफाई सरकार का जनहित में फैसला : रोमेश चंद गुप्ता
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : राजधानी दिल्ली में ट्रिपल इंजन सरकार लगातार दिल्ली की जनता के हित में निर्णय ले रही है जिनसे दिल्ली के लाखों लोगो को फायदा पहुंचता है | यह कहना है भारतीय जनता पार्टी शाहदरा जिले के महामंत्री रोमेश चंद गुप्ता का | रोमेश चंद गुप्ता कहते हैं नये साल के गिफ्ट के रूप में ट्रिपल इंजन सरकार नें दिल्ली में अटल कैंटीन योजना शुरू कर जरुरतमन्द लोगो के लिए एक नेक कार्य किया |
इसी तरह रेखा गुप्ता सरकार नें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कटेगरी के तहत मुफ्त ईलाज के हकदार मरीजों के लिए सालाना इनकम की लिमिट बढ़ा दी है इस निर्णय से भी बड़ी संख्या में लोगो को लाभ मिलेगा | अब दिल्ली सरकार नें राजधानी के 573 अनधिकृत काॅलोनियों में जहां अभी तक सीवर की सुविधा नहीं हैं। इस कारण सफाई की समस्या बनी रहती है। इन काॅलोनियों के निवासी ठेकेदारों को पैसे देकर सेप्टिक टैंक की सफाई कराते हैं,दिल्ली जल बोर्ड ने मशीन से सेप्टिक टैंक की निशुल्क सफाई कराने का निर्णय लिया है। रोमेश चंद गुप्ता कहते हैं रेखा गुप्ता सरकार के इस निर्णय से भी दिल्ली के लाखों लोगो को फायदा होगा |

श्री गुप्ता कहते एक साल से भी कम समय के शासन में ट्रिपल इंजन की सरकार नें दिल्ली की जनता के कल्याण के लिए कई योजनाएं बना दी है जिनपर तेजी से काम शुरू भी किया जा चुका है | श्री गुप्ता कहते हैं कई ठेकेदार सेप्टिक टैंक की गंदगी नालों में या खुले में डाल देते हैं। नालों के माध्यम से गंदगी यमुना में पहुंच रही है। प्रतिबंध के बावजूद कई स्थानों पर मशीन की जगह सफाई कर्मियों से सेप्टिक टैंक की सफाई कराई जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके समाधान के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने मशीन से सेप्टिक टैंक की निशुल्क सफाई कराने का निर्णय लिया है। दिल्ली में कुल 1799 अनधिकृत काॅलोनी हैं। इनमें से 1226 में ही सीवर लाइन की सुविधा है। 154 में सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। जल बोर्ड ने वर्ष 2028 तक पूरी दिल्ली में सीवर लाइन की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
रोमेश चंद गुप्ता कहते हैं अभी जिन काॅलोनियों में सीवर लाइन नहीं है वहां सेप्टिक टैंक की सफाई करने के लिए बोर्ड ने 152 ठेकेदारों को लाइसेंस दिया है। नियम के अनुसार उन्हें अपशिष्ट इकट्ठा कर 86 सीवरेज पंपिंग स्टेशन तक पहुंचाना होता है। ठेकेदार लोगों से सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए लगभग तीन हजार रुपये वसूलने के बाद भी इस नियम का पालन नहीं करते हैं। वह अपशिष्ट नालों में बहा देते हैं। सफाई कर्मियों से सेप्टिक टैंक की सफाई कराने की भी शिकायत मिलती है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
संसद में पेश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 1993 से वर्ष 2024 तक सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई करते हुए पूरे देश में 1200 लोगों की जान चली गई है। इसमें 133 लोगों की मौत दिल्ली में हुई है। रोमेश चंद गुप्ता कहते हैं कि इस समस्या का समाधान किया जा रहा है। अनधिकृत काॅलोनियों से सभी ठेकेदारों को हटाकर जल बोर्ड अपने संसाधन से निशुल्क सफाई कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए 300 सेप्टिक टैंक सफाई मशीन तैनात किए जाएंगे। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


