जहरीली हवा के बाद अब दिल्ली में पानी की गुणवत्ता भी खतरे में : विपिन शर्मा
रेखा गुप्ता सरकार को उठाने चाहिए कदम – हर्ष भारद्वाज – नई दिल्ली , राजधानी दिल्ली में दीपावली के बाद से ही जहरीली हवा लोगो के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगो का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है ,लेकिन अब हवा के साथ-साथ दिल्ली का भूजल हो या दिल्ली की जनता को आपूर्ति होने वाला जल भी लोगो के स्वास्थ्य पर भारी पड़ने लगा है | यह कहना है वरिष्ठ कांग्रेस नेता रोहताश नगर के पूर्व विधायक विपिन शर्मा का |
विपिन शर्मा कहते हैं राजधानी दिल्ली में जमीन के नीचे पानी प्रदूषित होता जा रहा है। सेंट्रल ग्राउंड वॉटर बोर्ड ने एनजीटी में पानी में मिले प्रदूषकों की एक रिपोर्ट दाखिल की थी । इसके मुताबिक नई जगहों पर राजधानी में मौजूद भूजल में फ्लोराइड, क्लेराइड, नाइट्रेट और आयरन का भी स्तर तय मानकों से अधिक है। इस स्तर के पानी को पीना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है। इंदौर में जहां दूषित पानी से हो रहीं मौतों की देशभर में चर्चा है, तो वहीं अब राजधानी दिल्ली में पीने के पानी की जांच व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल उठ गया है। कई राज्यों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पानी की जांच के लिए लैब्स को तैयार किया जा रहा है। हालांकि, दिल्ली में 25 से ज्यादा सरकारी वॉटर टेस्टिंग लैब्स में से सिर्फ दो ही लैब्स को नैशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग ऐंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज मान्यता मिली है। जोकि वजीराबाद और हैदरपुर में है |

जिसके चलते जितने सैम्पल की जांच दो करोड़ की जनता लिए होनी चाहिए नहीं हो पाती | आसानी से समझा जा सकता है पता ही नहीं लगाया जा सकता की कहाँ पानी पीने लायक है या नहीं | ऐसे में इन्दोर की तरह कोई हादसा नहीं हो इसकी क्या गारंटी है | विपिन शर्मा कहते हैं दिल्ली के बुराड़ी इलाके में भी पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है. यहां के घरों में नलों से निकलने वाला पानी किसी जहर से कम नहीं है| पानी में इतना झाग होता है कि वह साबुन के घोल जैसा दिखाई देता है |
इसी तरह जहांगीरपुरी और यमुनापार के कई इलाकों में लोग मजबूरी में गंदा और बदबूदार पानी इस्तेमाल कर रहे हैं लोग कहते हैं कि पानी की वजह से त्वचा की बीमारियां बढ़ रही हैं विपिन शर्मा कहते हैं कि देश की राजधानी में दूषित जल की सप्लाई को दुरस्त करने के लिए न तो भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार कोई सकारात्मक काम कर रही है और न ही पिछले आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुॅचाने के लिए कोई ठोस कदम नही उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण, और औद्योगिक कचरे के कारण पानी की गुणवत्ता की समस्याएं पिछले 12 वर्षों से अधिक बढ़ गई हैं। सभी बड़े नालों से गंदा अनुपचारित पानी खतरनाक अवशेष सीधे यमुना में गिरते है क्योंकि 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में लगभग 28 मानकों पर खरे नही है |



