व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैंसला : देवेन्द्र शर्मा
सरकार रख रही है सभी वर्गों का ध्यान
– हर्ष भारद्वाज –
नई दिल्ली, दिल्ली सरकार लगातार जनहित में निर्णय ले लोगो को राहत पहुंचाने का काम कर रही है | यह कहना है प्रमुख व्यवसायी तथा गेस्ट हॉउस होटल एसोसिएशन के महामंत्री देवेंद्र पंडित का | देवेन्द्र शर्मा कहते व्यावसायिक गतिविधियों के लाइसेंस सिस्टम से पुलिस सिस्टम से छुटकारा दिलाना दिल्ली सरकार का एक सराहनीय कदम था जिससे दिल्ली के लाखों व्यवसायियों में ख़ुशी की लहर है और अब व्यापारी कलायन बोर्ड के गठन की घोषणा से दिल्ली के तमाम कारोबारियों में हर्ष व्याप्त है लोगो को लगने लगा ट्रिपल इंजन की सरकार अब उनके भले के बारे में सोचने लगी है |दिल्ली सरकार ने व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन के लिए मंजूरी दे दी है। इसके बाद से बाजारों में हलचल मच गई है। बोर्ड में कुल 15 मेंबर होंगे। इनमें से 9 सदस्यों के रूप में व्यापारियों को शामिल किया जाएगा।
देवेन्द्र शर्मा कहते हैं सरकार के इस निर्णय से व्यापारियों की सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित दिख रही है इस मंच के माध्यम से दिल्ली के व्यवसायी सरकार तक आसानी से अपनी बात रख सकेगें | जानकारी के मुताबिक, व्यापारी कल्याण बोर्ड की मांग लंबे समय से चल रही थी। दिल्ली सरकार ने अपने बजट के दौरान व्यापारी कल्याण बोर्ड बनाने की घोषणा की है। साथ ही वेयरहाउस और औद्योगिक नीति बनाने की बात कही गई थी। दिल्ली में लाखों की संख्या में शामिल व्यापारियों के छोटे-बड़े लगभग सैकड़ों संगठन है। सरकार के इस निर्णय से सभी में ख़ुशी है | बोर्ड उद्योग मंत्री की अध्यक्षता मे काम करेगा। इसमें एमसीडी, श्रम, टैक्स, और उद्योग विभागों के 6 अधिकारी और विभिन्न सेक्टरों से जुड़े 9 व्यापारी शामिल होंगे।
देवेन्द्र शर्मा कहते हैं इस बोर्ड का गठन भारतीय जनता पार्टी के विधानसभा चुनावी घोषणापत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक था। उन्होंने कहा,’सरकार का उद्देश्य व्यापारियों और औद्योगिक वर्ग की जरूरतों को पूरा करना है। यह बोर्ड नीतिगत निर्माण, नियामकीय समस्याओं का समाधान, व्यापारियों के कल्याण, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर काम करेगा। देवन्द्र शर्मा कहते हैं यह बोर्ड व्यापार को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर पैदा करने, व्यापारियों के लिए बीमा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने और नीतिगत सुधारों पर कार्य करेगा। इसके अतिरिक्त व्यापारियों को प्राकृतिक आपदाओं में मुआवजा दिलाने का निर्णय भी यही बोर्ड लेगा। सरकार की ओर से एक आईटी पोर्टल भी विकसित किया जाएगा, जिससे व्यापारी सीधे बोर्ड से जुड़ सकें और अपनी समस्याओं को ऑनलाइन दर्ज करवा सकें।



