Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली की प्रत्येक महिला को दिया जाए दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ : नीलम चौधरी
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : एक अगस्त से दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल खुल गया है। दिल्ली सरकार का दावा है कि इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी। इसी विषय पर बात करते हुए रोहताश नगर आरडब्लूए अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता नीलम चौधरी ने कहा कि दिल्ली सरकार को सिर्फ कुछ महिलाओं को नहीं बल्कि दिल्ली की प्रत्येक महिला को दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ देते हुए 2500 रुपए प्रति महीना देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की इस नई योजना के पात्रता के नियमों के तहत, 21 से 60 साल की उम्र की वे महिलाएं इस योजना के लिए पात्र होंगी जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपए तक है। मैं भाजपा से यह सवाल पूछती हूं कि क्या भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान यह शर्तें बताई थी? जब भाजपा ने वोट हर एक महिला से मांगा तो लाभ हर एक महिला को क्यों नहीं दिया जा रहा है? नीलम चौधरी ने बताया कि जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन है या जिनके परिवार के सदस्य सरकारी विभागों में काम करते हैं, उन महिलाओं को भी इस योजना से बाहर रखा जाएगा, मेरा सवाल है क्यों? क्या भाजपा अब अपनी योजनाओं का लाभ पाने वालों के ऊपर भी शर्तें लगाएगी? उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है, भाजपा चुनाव से पहले कहती कुछ और है और चुनाव के बाद करती कुछ और है।
नीलम चौधरी ने कहा कि दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना की सच्चाई यह है कि काफी समय से दिल्ली की महिलाएं भाजपा से बहुत ज्यादा नाराज थी क्योंकि चुनाव के दौरान महिलाओं को 2500 रुपए प्रति महीना देने का जो वादा भाजपा ने दिल्ली की महिलाओं से किया था, सरकार बनने के इतने समय बाद तक भी भाजपा वो वादा पूरा नहीं कर रही थी इसलिए दिल्ली की महिलाओं के गुस्से को शांत करने के लिए दिल्ली सरकार को ना चाहते हुए भी दिल्ली लक्ष्मी योजना शुरू करनी पड़ी, ना चाहते हुए इसलिए क्योंकि जिस हिसाब से दिल्ली सरकार ने योजना का लाभ पाने के लिए पात्रता की शर्तें लगाई है वह इस बात को साफ साफ दर्शाता है कि दिल्ली सरकार दिल्ली लक्ष्मी योजना को लागू नहीं करना चाहती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने दिल्ली की जनता से किया अपना एक वादा भी पूरा नहीं किया, ना तो लोगों को त्योहारों पर मुफ्त सिलेंडर मिलने शुरू हुए, ना ही प्रदूषण कम हुआ, ना तो यमुना जी की साफ सफाई का काम हुआ और ना जाने भाजपा ने कितने ही ऐसे वादे किए थे जो चुनाव जीतने के बाद हवा हो गए।



