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Delhi: लाल किले में बम ब्लास्ट के बाद हाई अलर्ट, गीता कॉलोनी में मॉक ड्रिल से सुरक्षा तैयारियों की कड़ी परीक्षा

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Delhi: लाल किले में बम ब्लास्ट के बाद हाई अलर्ट, गीता कॉलोनी में मॉक ड्रिल से सुरक्षा तैयारियों की कड़ी परीक्षा

लाल किले में हुए बम ब्लास्ट की घटना के बाद दिल्ली पुलिस पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर है। राजधानी में बढ़ते सुरक्षा खतरों, आगामी त्योहारों और नववर्ष को ध्यान में रखते हुए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां हर स्तर पर सतर्कता बढ़ा रही हैं। इसी क्रम में दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग, निगरानी और मॉक ड्रिल के माध्यम से आपात हालात से निपटने की तैयारियों को परखा जा रहा है। शुक्रवार सुबह पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी इलाके में आयोजित एक हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल ने कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया, क्योंकि अभ्यास को बेहद वास्तविक रूप दिया गया था।

शाहदरा जिला पुलिस द्वारा चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय अस्पताल परिसर में कराई गई इस मॉक ड्रिल का मकसद यह जांचना था कि किसी संभावित आतंकी हमले या बम धमाके की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां कितनी तेजी और समन्वय के साथ कार्रवाई कर सकती हैं। ड्रिल के दौरान यह दर्शाया गया कि अस्पताल परिसर में बम होने की सूचना मिली है, जिसके बाद सायरन बजने लगे और पुलिस वाहनों की तेज आवाजों से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आम नागरिकों को कुछ देर के लिए लगा कि वास्तव में कोई बड़ा खतरा सामने आ गया है।

सूचना मिलते ही गीता कॉलोनी सब-डिवीजन के एसीपी, स्थानीय थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पूरे क्षेत्र को घेरकर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। बुलेटप्रूफ जैकेट, कमांडो गियर और आधुनिक हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों ने अस्पताल परिसर की एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स, छतों और आसपास के भीड़भाड़ वाले इलाकों की गहन तलाशी ली। इसी दौरान दिल्ली फायर सर्विस और एंबुलेंस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने तथा त्वरित मेडिकल सहायता देने का अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान बम डिटेक्शन एंड डिस्पोज़ल स्क्वाड ने संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से जांच की, जबकि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल को सील कर सबूत इकट्ठा करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। राहत और बचाव कार्यों को सेकंड्स की अहमियत को ध्यान में रखते हुए बेहद तेजी से अंजाम दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य जनता में डर फैलाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह तैयार रहें और समय रहते खतरे को टाला जा सके। लाल किले की घटना के बाद राजधानी की सुरक्षा को लेकर कोई भी चूक न हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस लगातार अलर्ट पर है और आगे भी ऐसे अभ्यास जारी रहेंगे।

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