दिल्ली सरकार की परियोजना से जनता को वायु प्रदूषण से निजात मिलेगी : डॉ यू के चौधरी
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : दिल्ली सरकार द्वारा राजधानी में वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली नामक एक महत्वाकांक्षी मेगा परियोजना शुरू की जा रही है। राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने में दिल्ली सरकार के प्रयास को विश्व बैंक का भी सहयोग मिलेगा। इसी परियोजना पर बात करते हुए भाजपा उत्तर पूर्वी जिला अध्यक्ष डॉ यू के चौधरी ने कहा कि दिल्ली में लगातार सामने आने वाली वायु प्रदूषण की समस्या को रोकने के लिए दिल्ली सरकार की यह सबसे बड़ी परियोजना है और निश्चित ही इस परियोजना से दिल्ली को वायु प्रदूषण की समस्या से निजात मिलेगा। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत प्रदूषण के कारणों की पहचान, रोकथाम और प्रभावी निगरानी प्रणाली स्थापित करने पर 8300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। श्री चौधरी ने बताया कि इसमें से 65 प्रतिशत वित्तीय सहायता विश्व बैंक उपलब्ध कराएगा और 35 प्रतिशत राशि दिल्ली सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के काम में तेजी लाना, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के लक्ष्यों को आगे बढ़ाना और विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देना है। श्री चौधरी ने बताया कि यह परियोजना दो स्तंभों पर आधारित होगी। उन्होंने बताया कि पहला स्तंभ दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन को मजबूत बनाने पर केंद्रित है जिसके अंतर्गत परियोजना के प्रभावी संचालन के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) बनाई जाएगी और आधुनिक वायु गुणवत्ता निगरानी, डेटा एनालिटिक्स और आईसीसीसी आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। श्री चौधरी ने बताया कि दूसरा स्तंभ प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने पर केंद्रित है जिसके अंतर्गत पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा और सार्वजनिक परिवहन को अधिक बेहतर बनाया जाएगा तथा वाहनों से होने वाले प्रदूषण की निगरानी के लिए अत्याधुनिक प्रदूषण जांच (पीयूसी) प्रणाली विकसित की जाएगी। डॉ यू के चौधरी ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार बड़ी से बड़ी परियोजना पर काम कर रही है।



