Home मैं भी रिपोर्टर दिल्ली सरकार को दिल्ली के लोगो के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं...

दिल्ली सरकार को दिल्ली के लोगो के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है : अरुण तोमर

0
131
अरुण तोमर
दिल्ली सरकार को दिल्ली के लोगो के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है : अरुण तोमर

दिल्ली सरकार को दिल्ली के लोगो के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है : अरुण तोमर

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार को दिल्ली के लोगो के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है | आलम यह है कि दिल्ली की जनता दीपावली के बाद से ही जहरीली हवा में जीने को मजबूर है लेकिन दिल्ली की भाजपा सरकार दिल्ली की जनता को कोई राहत नहीं दिला सकी | हर मामले में माननीय न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है | यह कहना है आम आदमी पार्टी घोंडा विधानसभा के पूर्व सन्गठन मंत्री अरुण तोमर का |

अरुण तोमर कहते हैं बात केवल जहरीली हवा की ही नहीं है अब तो दिल्ली की जनता को शुद्ध पानी भी नसीब नहीं हो रहा | अनेक क्षेत्रों में जहां भूजल भी दूषित मिला है जो कि लोगो के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है इतना ही नहीं लोगो को सरकार द्वारा आपूर्ति कराया जा रहा पानी भी अनेक स्थानों पर मानकों के अनुरूप नहीं है जोकि बेहद चिंता का विषय है |

अरुण तोमर कहते हैं  राजधानी में प्रदूषण के कारण बिगड़ते वातारण पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा हस्तक्षेप भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार की निष्क्रियता को दर्शाता है कि निर्वाचित सरकार को दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य की कोई चिंता नही है। उन्होंने कहा कि लगातार दो दिन तक विधानसभा सत्र में प्रदूषण पर चर्चा न होना सरकार की नियत को दर्शाता है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को साफ आदेश दिए है कि पाबंदियां लगाने से काम नही चलेगा, प्रदूषण के कारकों की पहचान करे कि किन कारणों से ज्यादा प्रदूषण होता है और उनके समाधान क्या हो सकते है। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार को साफ कहा है कि खुद विशेषज्ञ बनने की कोशिश न करे, प्रदूषण को कम करने पर तुरंत सकारात्मक कदम उठाने के लिए काम करें।

उन्होंने कहा कि राजधानी में गंभीर प्रदूषण के मुद्दे पर दूसरे दिन तक एक शब्द नही बोला गया, जबकि राजधानी में प्रदूषण के कारण आपातकाल जैसी स्थिति बन चुकी है, जिस पर सिर्फ बयानबाजी और घोषणा करने तक सीमित है | अरुण तोमर कहते हैं जो सरकार नागरिकों को स्वच्छ हवा और पानी भीं उपलब्ध नहीं करा सकती मानसून के दौरान जलभराव को रोकने के इंतजाम नहीं कर सकती वह किस आधार पर जन कल्याण की योजनायें बनाने के ढोल पीट सकती है |

अरुण तोमर कहते हैं दूसरों पर आरोप लगाना सबसे  आसान काम होता है जबकि कुछ करके दिखाना सबसे मुश्किल |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here