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Delhi Cyber Crime: दिल्ली में साइबर ठगी के संदिग्ध म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार

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Delhi Cyber Crime: दिल्ली में साइबर ठगी के संदिग्ध म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े संदिग्ध म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में ₹44 हजार के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता चला है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई साइबर पुलिस स्टेशन, ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में दर्ज FIR नंबर 84/2026 के तहत की गई। मामला 23 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) और 318(4) के तहत दर्ज किया गया था। जांच के दौरान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों, बैंक रिकॉर्ड और संदिग्ध लेनदेन का विश्लेषण किया गया। पुलिस को जांच के दौरान कोटक महिंद्रा बैंक के एक खाते में ₹44,000 के संदिग्ध लेनदेन का पता चला। यह खाता त्रिलोकपुरी निवासी आरोपी अश्वनी से जुड़ा बताया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार, यह रकम 2 अगस्त 2026 को खाते में जमा हुई थी। इस लेनदेन का संबंध तमिलनाडु के कल्लाकुरिची पुलिस स्टेशन में दर्ज साइबर अपराध की शिकायत से सामने आया। शिकायतकर्ता विग्नेश ने पुलिस को बताया कि 2 अगस्त को उनके इंडियन बैंक खाते से एसबीआई खाते में रकम ट्रांसफर हुई थी। उनके मुताबिक, इसके बाद उनके एसबीआई खाते में किसी अज्ञात बैंक खाते से ₹23,000 जमा हुए और फिर उनकी जानकारी या सहमति के बिना ऑनलाइन लेनदेन किए गए। शिकायतकर्ता ने कुल ₹44,000 की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उनके अपने ₹21,000 भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि रकम के लेनदेन की पूरी कड़ी और संदिग्ध बैंक खाते से उसका संबंध स्पष्ट हो सके। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अश्वनी ने कथित तौर पर बताया कि उसने लोन की रकम प्राप्त करने के बहाने अपने दोस्त आदित्य के साथ बैंक खाते की जानकारी साझा की थी। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि आदित्य ने यह जानकारी राम कुमार उर्फ अन्नू को दी और फिर यह जानकारी विक्रांत उर्फ विक्की तक पहुंची। पुलिस का कहना है कि विक्रांत ने कथित तौर पर कमीशन के बदले बैंक खाते की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा की थी। इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने अश्वनी, आदित्य, राम कुमार उर्फ अन्नू और विक्रांत उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अश्वनी (24), आदित्य (24), राम कुमार उर्फ अन्नू (22) और विक्रांत उर्फ विक्की (31) के रूप में हुई है। अश्वनी और आदित्य त्रिलोकपुरी, राम कुमार राज नगर-II, पालम और विक्रांत ककरौला का निवासी बताया गया है। इस मामले की जांच इंस्पेक्टर पवन यादव, एसएचओ साइबर पुलिस स्टेशन, ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की निगरानी में की गई। पुलिस टीम में एसआई रिंकी रानी, हेड कांस्टेबल हरीश, कांस्टेबल नीरज और कांस्टेबल अमृत लाल शामिल थे। पुलिस ने पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन उपकरणों की जांच के जरिए आरोपियों के बीच हुई बातचीत, बैंक खाते की जानकारी साझा करने की कथित कड़ी और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में अन्य लोग या बैंक खाते शामिल हैं या नहीं। ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कमीशन, लोन या किसी अन्य आर्थिक लाभ के बदले अपने बैंक खाते की जानकारी, एटीएम कार्ड, पिन, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी विवरण किसी के साथ साझा न करें। ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से हासिल रकम को इधर-उधर भेजने के लिए किया जा सकता है। साइबर अपराध की शिकायत www.cybercrime.gov.in पर दर्ज की जा सकती है। वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

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