Delhi Bakrid Guidelines: अवैध कुर्बानी पर कपिल मिश्रा के कार्रवाई के निर्देश सराहनीय : श्री दत्त शर्मा
समाज में पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी
नई दिल्ली, (रविंद्र कुमार ): दिल्ली सरकार के विकास मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा आगामी बकरीद के मद्देनज़र प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी, अवैध पशु परिवहन और सार्वजनिक स्थलों पर होने वाली अवैध कुर्बानी को रोकने के लिए अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देशों का स्वागत करते हुए घोंडा विधानसभा के पूर्व विधायक श्रीदत्त शर्मा ने इसे समाज हित, पशु कल्याण और कानून व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम बताया है। श्रीदत्त शर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा पशु संरक्षण और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की पहल आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से गाय, बछड़े, ऊंट तथा अन्य प्रतिबंधित पशुओं की अवैध कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करना केवल कानूनी आवश्यकता ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान कुछ असामाजिक तत्व कानूनों की अनदेखी कर अवैध पशु परिवहन, अवैध बूचड़खानों का संचालन तथा सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम कुर्बानी जैसी गतिविधियों को अंजाम देते हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। श्रीदत्त शर्मा ने कहा कि विकास मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश पूरी तरह समयानुकूल और आवश्यक हैं। पूर्व विधायक ने कहा कि पशुओं के प्रति दया, करुणा और संवेदनशीलता भारतीय संस्कृति की पहचान रही है। हमारे धार्मिक और सामाजिक मूल्यों में भी पशु संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। ऐसे में पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि पशु करुणा केवल सरकारी नियमों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की नैतिक जिम्मेदारी भी है।
श्रीदत्त शर्मा ने विकास मंत्री कपिल मिश्रा के उस निर्णय का भी समर्थन किया जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा केवल अधिकृत और निर्धारित स्थानों पर ही नियमों के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता बनी रहेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और सामाजिक वातावरण सकारात्मक बना रहेगा। दिल्ली सरकार द्वारा जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय भी अत्यंत सराहनीय है। पोस्टर, सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए लोगों को पशु कल्याण संबंधी कानूनों, नागरिक जिम्मेदारियों और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। इससे समाज में पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी और कानूनों के पालन को लेकर सकारात्मक वातावरण तैयार होगा। श्रीदत्त शर्मा ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी अवैध पशु परिवहन, प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी, पशु क्रूरता या कानूनों के उल्लंघन जैसी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है।



