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Cyber Fraud Delhi: निवेश के नाम पर अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का खुलासा, 8 आरोपी गिरफ्तार

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Cyber Fraud Delhi: निवेश के नाम पर अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का खुलासा, 8 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर टीम ने निवेश के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल आठ शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो मोटे मुनाफे का लालच देकर आम लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारत के कई राज्यों में सक्रिय था और ठगी की रकम म्यूल बैंक अकाउंट्स के जरिए कंबोडिया में बैठे मास्टरमाइंड्स तक पहुंचाई जा रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़ी अब तक 63 से ज्यादा NCRP शिकायतें दर्ज पाई गई हैं, जिससे गिरोह के बड़े पैमाने पर सक्रिय होने की पुष्टि होती है।

पूरा मामला तब उजागर हुआ जब वसंत कुंज निवासी 42 वर्षीय महिला ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता को व्हाट्सएप के जरिए शेयर मार्केट में निवेश का ऑफर दिया गया और गारंटीड रिटर्न का भरोसा दिलाकर उससे 15 लाख 58 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिन व्हाट्सएप नंबरों से संपर्क किया गया था, वे विदेश से ऑपरेट हो रहे थे और उनका सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस स्टेशन साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में एक विशेष टीम गठित की गई। इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में टीम ने डिजिटल फॉरेंसिक, बैंकिंग ट्रांजैक्शन एनालिसिस और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पूरे नेटवर्क को ट्रैक किया। जांच के दौरान पुलिस ने तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में एक के बाद एक छापेमारी कर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया।

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तेलंगाना से म्यूल अकाउंट सप्लायर वनापतला सुनील और शंकर को पकड़ा गया, जो फर्जी खातों के जरिए ठगी की रकम आगे ट्रांसफर करने का काम करते थे। उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर, बनारस और बरेली से गिरोह के अन्य सदस्य गिरफ्तार किए गए, जबकि राजस्थान के कोटा से एक आरोपी को पकड़ा गया, जो टेलीग्राम के माध्यम से विदेशी हैंडलर्स को बैंक अकाउंट्स सप्लाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और आम लोगों को शेयर मार्केट और निवेश के नाम पर झांसे में ले रहा था।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए मिलने वाले निवेश ऑफर्स से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर पुलिस को सूचना दें।

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