दिल्ली में लगातार बढ़ रहे हैं अपराध ,ट्रिपल इंजन सरकार हो रही है नाकाम : सुमित शर्मा

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सुमित शर्मा
दिल्ली में लगातार बढ़ रहे हैं अपराध ,ट्रिपल इंजन सरकार हो रही है नाकाम : सुमित शर्मा

दिल्ली में लगातार बढ़ रहे हैं अपराध ,ट्रिपल इंजन सरकार हो रही है नाकाम : सुमित शर्मा

* सुप्रीम कोर्ट तक जता रही है चिंता

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : राजधानी दिल्ली में जघन्य अपराध लगातार बढ़ रहे हैं | हत्या ,डकैती ,लूटपाट तथा झपटमारी की वारदातें तो बढ़ ही रही है साइबर क्राइम के मामलों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है | यह कहना है दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के डेलिगेट तथा लक्ष्मी नगर विधानसभा से चुनाव लड़े सुमित शर्मा का |

सुमित शर्मा कहते है पहले तो राज्य सरकार और केंद्र सरकार एक दूसरे पर आरोप लगते रहते थे लेकिन अब तो पिछले कई माह से राजधानी दिल्ली में एक ही पार्टी की यानी ट्रिपल इंजन की सरकार है बावजूद इसके अपराध दर में कमी नहीं आ रही | आंकड़ों की बाजीगिरी दिखाते हुए छोटे अपराधों में कमी दिखाई जा रही है लेकिन अब तो सुप्रीम कोर्ट तक नें इस बारे में सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं | सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ऑर्गनाइज्ड क्राइम करने वाले गिरोहों के बढ़ते आतंक को लेकर पिछले हफ्ते गहरी चिंता जाहिर की।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से सीधा भी सवाल किया, ‘दिनदहाड़े हो रहीं हत्याओं पर पुलिस क्या कर रही है? केंद्र और दिल्ली सरकार गैंगस्टरों से जुड़े केसों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन पर विचार करें। यह पहली बार नहीं है, जब देश की सबसे बड़ी अदालत ने राजधानी में संगठित आपराधिक गिरोहों को लेकर इस तरह की टिप्पणी की हो। इससे पहले भी इस तरह के सवाल उठे हैं | सुमित शर्मा कहते हैं ट्रिपल इंजन की सरकार अपनी जिम्मेदारियों से पल नहीं झाड सकती |

पुलिस की लापरवाही से भी इंकार नहीं किया जा सकता एरिया में रहने वाले लोगों की गतिविधियों पर पैनी निगाह नहीं रखी जा रही है। भ्रष्टाचार भी इसकी बड़ी वजह है। इसकी वजह से जब कोई अपराधी सिर उठा रहा होता है तो छोटे-मोटे लालच में पुलिसवाले उसे नजरअंदाज करते हैं। यही अपराधी धीरे-धीरे अपने पैर पसारने लगता है और समाज के लिए नासूर बन जाता है। पुलिस अफसर स्टाफ की कमी का रोना भी रोते हैं, लेकिन इसे एक बहाना कहा जा सकता है। सुमित शर्मा कहते हैं दिल्ली में लगातार अपराध बद रहे हैं ।

पिछले 6 महीनों में 250 हत्याएं होना अत्यंत संवेदनशील है, जबकि इसी दौरान 386 मामले हत्या के प्रयास, 437 मामले लूटपाट, 2503 झपटमारी और तीन हजार से अधिक मामले मामले सैंधमारी के दर्ज हुए है। अपराधियों पर पुलिस का कोई नियंत्रण नही है, दिल्ली में हर दिन खुलेआम गोलीबारी हो रही है | सुमित शर्मा कहते हैं कि बलात्कार, यौन अपराधों, छेड़छाड़ के बढ़ते अपराध के कारण राजधानी महिलाओं और बच्चों के लिए असुरक्षित बन चुकी है, क्योंकि पिछले 6 महीनों में दुष्कर्म और पॉक्सो के 932 मामले दर्ज हुए है।

एक रिकॉर्ड के अनुसार 1 जनवरी से 30 जून तक के दौरान भारतीय न्याय संहिता और भारतीय दंड संहिता के तहत हजारों की संख्या में मामले दर्ज हुए है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए चिंता व्यक्त की कि राजधानी में प्रतिदिन 5 बलात्कार, 2 हत्या, 18 झपटमारी ;सैंकड़ों चेन स्नेचिंग के ऐसे मामले होते है जो दर्ज नही होते और 3 डकैती के अपराध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाहन चोरी के 17512 मामले, अपहरण के 2716 और छेड़छाड़ के 863 मामलें दर्ज हुए हैं। यही नही घरेलू हिंसा और वृद्ध लोगों की हत्या के मामले भी बढ़े है। इन सबके अलावा साइबर क्राईम भी बढ़ रहे है लेकिन ट्रिपल इंजन की सरकार इन्हें रोक पाने में विफल ही साबित हो रही है |

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