Home देश दुनिया Constitution Day India: राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा—‘गुलामी की मानसिकता को खत्म करता...

Constitution Day India: राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा—‘गुलामी की मानसिकता को खत्म करता है संविधान’, नेताओं ने किए लोकतंत्र और विकास पर विचार

0
44

Constitution Day India: राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा—‘गुलामी की मानसिकता को खत्म करता है संविधान’, नेताओं ने किए लोकतंत्र और विकास पर विचार

पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में बुधवार को संविधान दिवस का भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की। उन्होंने अपने संबोधन में संविधान की महत्ता और उसके सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक योगदान पर जोर दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आज के दिन, 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा के सदस्यों ने भारत के संविधान का निर्माण पूरा किया और इसे अपनाकर भारतीय नागरिकों ने अपनी लोकतांत्रिक पहचान को मान्यता दी। उन्होंने संविधान को राष्ट्र की आधारशिला और गुलामी की मानसिकता को त्यागने वाला मार्गदर्शक दस्तावेज बताया।

राष्ट्रपति ने तीन तलाक, वस्तु एवं सेवा कर (GST) और अनुच्छेद 370 जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर अंकुश लगाकर संसद ने महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए। जीएसटी के माध्यम से देश के आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिला और अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से राजनीतिक एकीकरण में बाधा दूर हुई। इसके साथ ही उन्होंने नारी शक्ति बंधन अधिनियम और राष्ट्रगान व वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के स्मरणोत्सव का भी उल्लेख किया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि संविधान सभा के सदस्यों और ड्राफ्टिंग कमेटी ने भारतीयों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर संविधान बनाया। उन्होंने अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण और 2024 में जम्मू-कश्मीर में हुए चुनावों में भारी मतदान को लोकतंत्र की पुष्टि बताते हुए बिहार चुनावों में महिलाओं की भागीदारी को भी लोकतंत्र में एक अनमोल योगदान बताया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संविधान का अक्षरशः पालन करके भारत 2047 तक एक विकसित देश बन सकता है। उन्होंने संविधान को जीवंत दस्तावेज बताते हुए कहा कि इसके मूल्यों और आदर्शों को अपनाकर ही हम भावी पीढ़ियों के लिए न्याय, विकास, एकता और मानवता का उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन हरिवंश, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यसभा नेता जेपी नड्डा, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य सांसदों ने संविधान दिवस की प्रस्तावना का पाठ किया और संविधान के प्रति अपनी निष्ठा जताई।

इस कार्यक्रम ने एक बार फिर भारतीय लोकतंत्र, संविधान और उसके मूल्यों के प्रति देशवासियों को गर्व और प्रतिबद्धता का संदेश दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here