कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के लिए दिल्ली कांग्रेस की बाबरपुर जिले से कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत हुई : देवेन्द्र यादव
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : संगठन सृजन अभियान के तहत उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के बाबरपुर जिला कांग्रेस कमेटी में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। देवेन्द्र यादव ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सहयोग से शुरु किए गए प्रशिक्षण शिविर तीन सेशन में होंगा। प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस का विजन, कांग्रेस के स्वर्णिम इतिहास और दूसरे सेशन में बूथ, मंडलम, ब्लॉक अध्यक्ष, जिला पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों और तीसरे सेशन में चुनाव के समय पार्टी और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों और कार्यशैली पर विस्तार से चर्चा हुई। बाबरपुर जिला अध्यक्ष राजकुमार जैन द्वारा आयोजित कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने ध्वजारोहण करके की और मौजूद सेवादल कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रगान वंदे मातरम का गायन भी किया गया। इस अवसर पर के दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन,लोकसभा प्रभारी रोमेश सब्बरवाल ,मनोज यादव , जिला प्रभारी डॉ.पी.के.मिश्रा पूर्व विधायक विपिन शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे | देवेन्द्र यादव ने कहा कि संगठन सृजन अभियान का पहला पड़ाव दिल्ली के प्रभारी श्री काजी निजामुद्दीन के नेतृत्व में सफलता के साथ पूरा किया और दूसरे पड़ा में उनके निर्देशानुसार संगठन सृजन अभियान के तहत सभी जिलों में कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत आज से हुई है। संगठन सृजन अभियान के तहत प्रदेश अध्यक्ष ने लोकसभा और जिला आर्ब्जवरों ने जिस तरह जमीनी स्तर तक पहुॅचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोगों से मिलकर पार्टी को संगठित करने का काम किया उससे संगठन को मजबूती मिली है। काजी निजामुद्दीन ने कहा कि कांग्रेस एक ऐतिहासिक पार्टी है, जिसके साथ जुड़कर काम करने पर हमे गौरान्वित महसूस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता मोदी की विफलताओं को बढ़ा चढ़ा कर लोगों के सामने झूठ परोसने का काम करते है इसलिए हमारे कार्यकर्ता प्रशिक्षण लेने के बाद भाजपा के झूठ का पर्दाफाश करेंगे और हमारे नेता राहुल गांधी , कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की लोगों के अधिकारों की लड़ाई को सामाजिक, क्षेत्रीय, राजनैतिक, सोशल मीडिया हर प्लेटफार्म पर ज्यादा से ज्यादा चर्चा करके अपनी बात को अधिक से अधिक लोगों तक पहुॅचाने का काम करें।



