Bhopal Scholarship Scam: भोपाल में सरकारी स्कॉलरशिप योजना में करीब 1 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी, 6 लोगों के खिलाफ CBI की FIR
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) योजना में कथित अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच के बाद करीब 99.48 लाख रुपये की सरकारी स्कॉलरशिप में कथित हेराफेरी के मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि एमबीए छात्रों के लिए जारी की गई सरकारी छात्रवृत्ति की राशि फर्जी तरीके से खोले गए बैंक खातों के माध्यम से निकाल ली गई।
सीबीआई ने इस मामले में यूको बैंक की हबीबगंज शाखा के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक तथा भोपाल स्थित एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट कॉलेज से जुड़े पांच लोगों को आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में जनवरी 2020 से अक्टूबर 2021 के बीच सरकारी छात्रवृत्ति की लगभग 99.48 लाख रुपये की राशि का कथित दुरुपयोग किए जाने के संकेत मिले हैं।
जांच के अनुसार, भोपाल के अवधपुरी क्षेत्र स्थित एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट एक निजी, स्व-वित्तपोषित (Self-Financed) बिजनेस स्कूल है, जिसकी स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी। संस्थान एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त है और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से संबद्ध है। यहां दो वर्षीय एमबीए पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है।
मामले का खुलासा यूको बैंक, भोपाल के डिप्टी जनरल मैनेजर एवं जोनल हेड लोकेश कुमार की शिकायत के बाद हुआ। शिकायत में हबीबगंज शाखा में बड़ी संख्या में बैंक खाते खोले जाने और उनके संचालन में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। इसके बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच शुरू की, जिसमें कथित धोखाधड़ी के कई पहलू सामने आए।
एफआईआर के अनुसार, जांच में पाया गया कि 118 बैंक खाते एमबीए छात्रों के नाम पर कथित रूप से उनकी जानकारी या सहमति के बिना खोले गए। इन खातों में सरकारी छात्रवृत्ति की राशि जमा कराई गई, लेकिन लाभार्थियों तक राशि पहुंचने से पहले ही उसे निकाल लिया गया।
सीबीआई का आरोप है कि यह पूरा कथित घोटाला पहले से सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, कॉलेज से जुड़े कुछ अधिकारियों ने बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया में भूमिका निभाई। आरोप है कि खातों से अपने या सहयोगियों के मोबाइल नंबर लिंक कराए गए, एटीएम कार्ड अपने कब्जे में रखे गए और बाद में उन्हीं कार्डों के माध्यम से छात्रवृत्ति की राशि निकाली गई।
एफआईआर में कहा गया है कि 1 जनवरी 2020 से 31 अक्टूबर 2021 के बीच खोले गए इन 118 खातों में सरकारी स्कॉलरशिप के रूप में लगभग 99.48 लाख रुपये जमा किए गए, जिनका कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। जांच एजेंसी अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस कथित धोखाधड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा धनराशि का अंतिम लाभ किसे मिला।
सीबीआई ने संबंधित दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल नंबरों, एटीएम कार्ड के उपयोग और वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



