Bhishm Sharma Congress: भीष्म शर्मा बने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष, छात्र राजनीति, से लेकर नौ बार चुनावी सफर तक की मजबूत पहचान
नई दिल्ली ( रविन्द्र कुमार ) : दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय वरिष्ठ कांग्रेस नेता भीष्म शर्मा को हाल ही में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस कमेटी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही पार्टी ने उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता पर भरोसा जताया है। भीष्म शर्मा का राजनीतिक सफर काफी संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है। उनका राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। शाहदरा स्थित श्यामलाल कॉलेज में वे छात्र संघ के अध्यक्ष रहे और वहीं से उन्होंने सक्रिय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उस दौर में दिल्ली की राजनीति में एच.के.एल. भगत का प्रभाव था, जिनकी नजर भीष्म शर्मा पर पड़ी और उन्होंने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया। शुरुआती दौर में उन्हें यमुना विहार से चुनाव लड़ने का मौका मिला, हालांकि उन्हें पहली बार हार का सामना करना पड़ा। बाद में घोंडा विधानसभा सीट से उपचुनाव में उन्हें सफलता मिली और यहीं से उनका राजनीतिक सफर मजबूत होता गया। वे लगातार घोंडा विधानसभा से चुनाव लड़ते रहे और अब तक नौ बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
छात्र राजनीति के बाद वे युवा कांग्रेस में सक्रिय हुए और जिला अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। संगठन में उनकी पकड़ मजबूत होती गई और समय के साथ उनका कद भी बढ़ता गया। करीब दो दशक पहले भीष्म शर्मा को सर्वश्रेष्ठ विधायक का सम्मान भी विधानसभा की ओर से मिला दिल्ली के कद्दावर नेता के रूप में उनकी गिनती होने लगी | भीष्म कहते हैं कि कांग्रेस ने उन्हें पहचान और सम्मान दिया है, और उनका राजनीतिक जन्म भी इसी पार्टी में हुआ है। विकास कार्यों की बात करें तो वे सोनिया विहार जल संयंत्र और सिग्नेचर ब्रिज जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के लिए अपने संघर्ष को प्रमुखता से रखते हैं। भीष्म शर्मा का सपना रामबाबू शर्मा की तरह लोकसभा चुनाव लड़ने का है इसमें उन्हें कामयाबी मिलेगी या नहीं यह तो वक्त ही तय करेगा लेकिन सन्गठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से उनके दावे में तो मजबूती आ ही गई ,इस सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता | हालिया नियुक्ति के बाद भीष्म शर्मा ने कहा कि वे संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने का काम करेंगे। उन्होंने वर्तमान राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल वादों से विकास नहीं होता, बल्कि जमीनी स्तर पर काम जरूरी है। उनकी नियुक्ति को कांग्रेस संगठन में अनुभव और सक्रियता के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में पार्टी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।


