Delhi sealing: भाजपा के शासन में ही क्यों लटकती है लोगो,पर सीलिंग की तलवार : नीलम चौधरी
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : राजधानी दिल्ली के बड़ी संख्या में लोगो पर एक बार फिर से सीलिंग की तलवार लटकती दिख रही है | यह कहना है वरिष्ठ कांग्रेस नेता तथा समस्त रोहताश नगर आर.डब्लू.ए.की अध्यक्ष नीलम चौधरी का | नीलम चौधरी कहती हैं कि भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार एक तरफ तो 1511 अनाधिकृत काॅलोनियों को नियमित करने के लिए उनकी रजिस्ट्री करने हेतू ऑनलाइन प्रक्रिया शुरु कर रही है और दूसरी तरफ भाजपा शासित निगम दिल्ली सरकार के खिलाफ उन्हीं अनाधिकृत कालोनियों सहित नियमित और स्वीकृत काॅलोनियों में वर्षों से अपनी अजीविका चलाने वाले लोगों पर सीलिंग की तलवार लटका रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार की दोहरी नीति दिल्ली वालों को बर्बाद करने का काम कर रही है। दिल्ली वाले भाजपा की सरकार बनाने के बाद अब पछतावा महसूस कर रहे है क्योंकि कमरतोड़ महंगाई और रिकार्ड तोड़ बेरोजगारी से राहत देने की बजाय भाजपा लोगों के स्वरोजगार और अजीविका के साधन को भी खत्म करने की राह पर चल रही है।
नीलम चौधरी कहती हैं दो दशक पहले भी भाजपा शासन के दौरान सीलिंग की जिन्न आया था जिस पर कांग्रेस सडकों पर उतरी थी | जिसका परिणाम यह रहा कि भाजपा को दिल्ली की सत्ता से हाथ धोना पड़ा था | नीलम चौधरी कहती हैं कि यह दिल्ली का दुर्भाग्य रहा कि पिछले 12 वर्षों में आम आदमी पार्टी और भाजपा ने दिल्ली वालों से पूर्ण बहुमत लेने के बाद उनके हितों, अधिकारों और आजीविका के सरंक्षण के लिए कोई काम नही किया। हमेशा अपने हित साधने के लिए काम किया। नीलम चौधरी कहती हैं कि दिल्ली में 69 कॉलोनियों की 351 सड़कों को मिश्रित भू-उपयोग के लिए नोटिफाई नही करवा पाना भाजपा की नाकामी है, जिसमें दिल्ली में लोकसभा के सातों सांसद भी मिश्रित भू-उपयोग नोटिफाई के लिए लंबित पड़ी 351 सड़कों का नोटिफिकेशन जारी करवाने में विफल साबित रहे है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने भी झूटा दावा किया था कि दिल्ली में सीलिंग नही होगी, लेकिन अब दिल्ली नगर निगम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जो नोटिस जारी कर रही है उससे हजारों व्यवसायिक सम्पति धारकों और रिहायशी क्षेत्रों में छोटी मोटी दुकानों पर सीलिंग की तलवार लटक रही है ।



