Bhadrak Violence: भद्रक हिंसा: दो समुदायों में झड़प, युवक की मौत के बाद इंटरनेट बंद, 27 प्लाटून फोर्स तैनात
भद्रक (ओडिशा), 11 जून 2025 — ओडिशा के भद्रक जिले में दो समुदायों के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर हालात को संवेदनशील बना दिया है। तिहड़ी थाना क्षेत्र में 30 मई को हुई झड़प में घायल युवक संतोष परीदा की सोमवार रात मौत हो गई। इसके बाद जिले में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया, जिससे हालात संभालने के लिए प्रशासन को इंटरनेट सेवा बंद करनी पड़ी और भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
घटना की पृष्ठभूमि में बताया गया है कि 30 मई को पशु तस्करों और स्थानीय युवक संतोष के बीच विवाद हुआ था। संतोष पर कथित तौर पर बीस से अधिक पशु तस्करों ने हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले भद्रक जिला अस्पताल और फिर हालत बिगड़ने पर भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
संतोष की मौत की खबर फैलते ही कश्ती, देउला और जयपुर इलाके में भारी तनाव फैल गया। भीड़ के आक्रोश और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने भद्रक जिले में मंगलवार सुबह 6 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी। इसके साथ ही 27 प्लाटून पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मृतक के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये की सहायता राशि और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं, पुलिस ने अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
विश्व हिंदू परिषद ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों को फौरन गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने की मांग की है। परिषद की ओर से आज दोपहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की योजना बनाई गई है, जब संतोष का शव भद्रक पहुंचेगा।
इस घटना के बाद भद्रक के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक का तबादला कर नव नियुक्त एसपी मनोज राउत को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने जिलेवासियों से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। भद्रक जिले में पहले भी साम्प्रदायिक तनाव की घटनाएं हो चुकी हैं, जिस कारण इसे संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, और प्रशासन किसी भी प्रकार की अफवाह या हिंसा को रोकने के लिए अलर्ट पर है।



