Bahraich Boat Accident: बहराइच में नाव हादसा, कौड़ियाला नदी में यात्रियों से भरी नाव डूबी, एक महिला की मौत, आठ लोग अब भी लापता
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में बुधवार देर शाम कौड़ियाला नदी में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। कतर्नियाघाट के ट्रांस गेरुआ क्षेत्र में ग्रामीणों से भरी एक नाव अचानक नदी में पलट गई। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि आठ लोग अब भी लापता हैं। 22 लोगों से भरी यह नाव भरथापुर गांव के ग्रामीणों को लेकर खैरटिया बाजार से लौट रही थी। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के मुताबिक, भरथापुर गांव घने जंगलों और गेरुआ नदी के पार स्थित है। गांववासी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लखीमपुर खीरी जिले के खैरटिया बाजार नाव से पार जाते हैं। बुधवार को भी 22 ग्रामीण दोपहर में खरीदारी करने गए थे और शाम करीब 5:30 बजे लौटते समय नाव हादसे का शिकार हो गई। जब नाव भरथापुर घाट से लगभग 200 मीटर दूर थी, तभी तेज बहाव और अंधेरे के कारण नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। अचानक मची अफरातफरी में कई लोग नदी में डूब गए। 13 लोग किसी तरह तैरकर किनारे तक पहुंचने में कामयाब रहे, जबकि एक महिला का शव बरामद हुआ और एक अन्य महिला झाड़ियों में फंसी गंभीर अवस्था में मिली।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला। नाव में ग्रामीणों के साथ एक बाइक और चार साइकिलें भी लदी थीं। सुरक्षित बचे ग्रामीण लक्ष्मी नारायण ने बताया कि नाव में सवार मिहिलाल नाव चला रहे थे, लेकिन तेज बहाव और अंधेरे की वजह से वह नदी में पड़े एक ठूंठ से टकरा गई, जिससे नाव पलट गई। बताया गया कि हाल ही में नदी में कटान के कारण एक पेड़ गिरा था, जिसका ठूंठ पानी में डूबा रह गया था।
हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। रात करीब 9 बजे एसडीएम मिहींपुरवा रामदयाल, तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार और थानाध्यक्ष सुजौली प्रकाश चंद्र शर्मा पुलिस बल और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। रातभर गोताखोरों और एसएसबी के जवानों ने नदी में लापता लोगों की तलाश की। फिलहाल 13 लोग सुरक्षित मिल चुके हैं, एक महिला का शव बरामद हुआ है और आठ लोग अब भी लापता हैं।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि मौके पर छह एंबुलेंस तैनात की गई हैं। स्थानीय गोताखोर, एसएसबी के जवान और गोंडा से बुलाई गई एनडीआरएफ टीम तलाश अभियान में जुटी हुई है। अंधेरा और नदी में तेज बहाव बचाव कार्य में बाधा बना हुआ है। डीएम ने कहा कि लापता लोगों की खोज के लिए रातभर सर्च अभियान जारी रहेगा।
ग्रामीणों के अनुसार, हादसे की एक बड़ी वजह नदी में बढ़ा जलस्तर और तेज बहाव था। बताया जा रहा है कि चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज के गेट खोले जाने से अचानक पानी का स्तर बढ़ गया, जिससे नदी का प्रवाह बहुत तेज हो गया। इसके चलते नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह ठूंठ से टकराकर उलट गई।
मौके पर प्रशासन की कई टीमें मौजूद हैं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। भरथापुर गांव के लोगों में इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि नाव ही उनके आने-जाने का मुख्य साधन है, और इस हादसे ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया है।



