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Delhi baby kidnapping case: दिल्ली पुलिस ने 27 दिन के नवजात का अपहरण सुलझाया, पांच गिरफ्तार

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Delhi baby kidnapping case: दिल्ली पुलिस ने 27 दिन के नवजात का अपहरण सुलझाया, पांच गिरफ्तार
दिल्ली के तिलक नगर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब 8 अक्टूबर को 27 दिन के एक नवजात शिशु के अपहरण की खबर आई। बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम हरकत में आ गई। पश्चिमी जिले के डीसीपी शरद भास्कर ने बताया कि बच्चे के परिवार की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज की गई और मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित की गईं। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी निगरानी की मदद से आखिरकार इस पूरे अपहरण कांड की परतें खुल गईं। जांच में सामने आया कि इस घटना में दो नाबालिग शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने पहले गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि उन्हें 20,000 रुपये एक महिला माया ने दिए थे, जिसने बच्चे के अपहरण की साजिश रची थी। माया से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने यह पूरा अपराध अपने पड़ोसी शुभ करण (36) और उसकी पत्नी संयोगिता (27) के लिए किया था, जो कई सालों से संतान प्राप्ति में असमर्थ थे। माया ने बच्चे को इस दंपति को सौंपने के लिए ही नाबालिगों से अपहरण करवाया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए माया के साथ शुभ करण और संयोगिता को भी गिरफ्तार कर लिया। अब तक कुल पांच लोगों को इस मामले में हिरासत में लिया गया है — जिनमें तीन वयस्क और दो नाबालिग शामिल हैं।
डीसीपी शरद भास्कर ने बताया कि बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है। पुलिस के अनुसार, अपहरण की यह साजिश पूरी तरह से योजना बनाकर की गई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बच्चे को किसी भी नुकसान से पहले ही बचा लिया गया। यह मामला न केवल पुलिस की सतर्कता और पेशेवर कार्यशैली का उदाहरण है बल्कि समाज में बढ़ती ऐसी मानसिकता पर भी सवाल उठाता है जहां लोग किसी की मासूम जिंदगी को अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए खतरे में डालने से भी नहीं हिचकते।
दिल्ली पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस गैंग का किसी बड़े नेटवर्क से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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