दिल्ली में फ्लॉप शो साबित हो रही है आयुष्मान भारत योजना : परमानन्द शर्मा
निजी अस्पताल कन्नी काट रहे है योजना से
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना को राजधानी में एक फ्लॉप शो साबित हो रही है और जिस योजना को बड़े जोर शोर से शुरू किया गया था सरकारी उदासीनता के चलते लोगो को पर्याप्त मात्र में इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा | यह कहना है बाबरपुर विधानसभा से कांग्रेस के प्रभारी राम नगर वार्ड से पूर्व निगम प्रत्याशी परमानन्द शर्मा का |
परमानन्द शर्मा कहते हैं भाजपा सरकार नें बदर ढोल पीटकर जिस योजना को शुरू किया था उसे बड़ी संख्या में निजी अस्पताल पलीता लगा रहे हैं | परमानन्द शर्मा कहते हैं इस योजना के तहत इलाज और मेडिकल प्रोसीजर की तय दरें निजी अस्पतालों को मंजूर नहीं हैं। अस्पताल प्रबंधन को डर सता रहा है कि पहले की तरह इस बार भी समय पर पेमेंट नहीं होगा, जिससे उनका खर्च निकालना मुश्किल हो जाएगा। यानी निजी अस्पताल अस्न्कित है जिसके चलते लोगो को इस योजना का लाभ उतना नहीं मिल पा रहा जितने दावे किये जा रहे थे | परमानन्द शर्मा कहते हैं 10 अप्रैल को दिल्ली में इस योजना की शुरुआत हुई थी, मगर अब तक महज 93 अस्पताल ही जुड़ सके हैं। दिल्ली जैसे शहर में, जहां सैकड़ों निजी अस्पताल हैं, वहां यह आंकड़ा काफी कम है।
बताया जा रहा है इस योजना के तहत दरें तय की गई हैं। वह मार्केट रेट का केवल 30 से 40 प्रतिशत हैं। यही कारण है कि राजधानी दिल्ली के बड़े अस्पताल अभी इससे नहीं जुड़ना चाहते। दूसरी वजह यह भी है की नामचीन अस्पतालों में पहले से ही मरीजों की कोई कमी नहीं। विदेशों से भी लोग इलाज के लिए यहां आते हैं। ऐसे में अस्पतालों का कहना है कि वे अपने खर्च के मुकाबले बेहद कम रेट पर सेवाएं कैसे दें सकते हैं | परमानन्द शर्मा कहते हैं दिल्ली सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी इस योजना की खामियों को दूर करने के उपाय तलाशने होगे | निजी अस्पतालों को समय पर भुगतान करने की योजना बनानी होगी एक तो उन्हें मार्केट रेट का केवल 30 से 40 प्रतिशत हैं ही तय है और उसके भुगतान में भी देरी होना उनके लिए समस्या से कम नहीं है |



