Bhishma Sharma: विद्या वाहिनी योजना का लाभ मिलना चाहिए सभी बड़ी कक्षा की छात्राओं को : भीष्म शर्मा
नई दिल्ली, (रविंद्र कुमार): दिल्ली सरकार द्वारा “विद्या वाहिनी योजना” के तहत सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत केवल कक्षा 9 की छात्राओं को निःशुल्क साइकिल देने के निर्णय पर दिल्ली कांग्रेस के उपाध्यक्ष पूर्व विधायक भीष्म शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना छात्राओं के हित से अधिक राजनीतिक सोच से प्रेरित और भेदभावपूर्ण प्रतीत होती है। भीष्म शर्मा ने कहा कि यदि दिल्ली सरकार वास्तव में बेटियों की शिक्षा और उनके भविष्य को लेकर गंभीर होती, तो योजना का लाभ केवल कक्षा 9 तक सीमित न रखकर 10वीं, 11वीं और 12वीं की छात्राओं को भी दिया जाता। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर केवल नौवीं कक्षा की छात्राओं को ही साइकिल देने का निर्णय क्यों लिया गया, जबकि अन्य कक्षाओं की छात्राएं भी प्रतिदिन विद्यालय आने-जाने के लिए समान कठिनाइयों का सामना करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय अन्य कक्षाओं में पढ़ने वाली छात्राओं के बीच असमानता की भावना पैदा कर सकता है। 10वीं, 11वीं और 12वीं की छात्राओं के मन में यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठेगा कि यदि वे नौवीं कक्षा में होतीं तो उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलता। ऐसी स्थिति में सरकार का यह फैसला छात्राओं के बीच समान अवसर की भावना को कमजोर करने वाला साबित हो सकता है। भीष्म शर्मा ने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना चाहती है, तो उसे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के लिए भी ठोस कदम उठाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में पढ़ने वाली आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं के लिए स्कूटी जैसी सुविधा उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जाना चाहिए था, जिससे वे सुरक्षित और सुविधाजनक ढंग से अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की यह योजना व्यापक शिक्षा सुधार के बजाय सीमित दायरे की घोषणा बनकर रह गई है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस योजना की समीक्षा करे और इसे सभी पात्र छात्राओं तक विस्तारित करे, ताकि किसी भी छात्रा को यह महसूस न हो कि उसके साथ भेदभाव किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और छात्र कल्याण से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार का वर्गीकरण या पक्षपात नहीं होना चाहिए। सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो प्रत्येक छात्रा को समान अवसर और समान सम्मान प्रदान करें।



