Ahmedabad Train Fire: साबरमती रेलवे यार्ड में खाली यात्री कोच में लगी आग, कोई हताहत नहीं
अहमदाबाद, 14 जुलाई। गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे यार्ड में मंगलवार को एक खाली यात्री रेल डिब्बे में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। रेलवे अधिकारियों के अनुसार घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और रेल संचालन भी पूरी तरह सामान्य रहा।
जानकारी के मुताबिक, आग मंगलवार सुबह करीब 11:55 बजे साबरमती यार्ड में खड़े एक लॉक किए गए खाली यात्री कोच में लगी। घटना के समय कोच में कोई यात्री या कर्मचारी मौजूद नहीं था। जैसे ही कोच से धुआं उठता दिखाई दिया, वहां ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारी पॉइंट्समैन धर्मवीर मेहता ने तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया और सुरक्षा तथा आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। रेलवे अधिकारियों के साथ दमकल विभाग की टीमें भी कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चार दमकल गाड़ियों को आग बुझाने के लिए लगाया गया।
संभागीय अग्निशमन अधिकारी एस.बी. जडेजा ने बताया कि दमकलकर्मियों ने तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और करीब एक घंटे के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग को अन्य कोचों तक फैलने से भी रोक लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
अहमदाबाद मंडल के मंडल रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश ने बताया कि जिस कोच में आग लगी थी, उसे 8 जुलाई से साबरमती यार्ड में स्टेबल लॉक कर रखा गया था। घटना के समय कोच पूरी तरह खाली था और उसमें किसी यात्री की मौजूदगी नहीं थी। इसलिए इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की सूचना नहीं मिली है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि आग किसी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से लगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस घटना का ट्रेनों के संचालन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। सभी निर्धारित रेल सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
फिलहाल रेलवे और अग्निशमन विभाग संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों और यार्ड में खड़े कोचों की नियमित निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी।



