अजीत नगर में भगवान वाल्मीकि के जागरण का भव्य आयोजन किया गया
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि मंदिर अजीत नगर में भगवान वाल्मीकि के जागरण का भव्य आयोजन किया गया जिसमें भगवान बाल्मीकि के भजनों से सारी रात भक्तजन झूमते रहें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व महापौर श्याम सुन्दर अग्रवाल को मंदिर के अध्यक्ष राजन ऊंटवाल,राहुल बहोत,सागर उज्जैनवाल,अमित वैद, कुमारपाल उज्जैनवाल, दीपक छजलाना,कन्नू बहोत ने पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया।
जागरण शुरू होने से पहले पूर्व महापौर श्याम सुन्दर अग्रवाल ने कहा भगवान वाल्मीकि का हमारे जीवन को आदर्श बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका है उन्होंने नारद जी की प्रेरणा से रामायण लिखी यदि हमारे जीवन में रामायण नहीं होती तो हमें भगवान राम के आदर्श जीवन की जानकारी नहीं होती देश में प्रतिवर्ष होने वाली रामलीलाएं नहीं होती देश के करोड़ों लोग एवं आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन के बारे में जानकारियां नहीं मिल पाती। भगवान श्री राम ने भाई लक्ष्मण को भगवान बाल्मीकि के आश्रम में छोड़ने का आदेश दिया क्योंकि वो जानते थे कि सीता माता की सुरक्षा एवं देखभाल उनसे अच्छी कही नहीं हो सकती।उन्हीं के आश्रम में लव कुश का जन्म हुआ।
महर्षि वाल्मीकि ने लव कुश का पालन-पोषण और शिक्षा-दीक्षा की थी, जिसमें उन्होंने उन्हें धर्म, संस्कार, वेद, उपनिषद, शास्त्र, धनुर्विद्या और कलाएं सिखाईं। वाल्मीकि ने लव कुश को रामायण का गायन करना भी सिखाया और दोनों को पूरी रामायण का गान करने के लिए प्रेरित किया। हमें भगवान बाल्मीकि के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों को अपने जीवन में उसमें ढालना चाहिए ।



