PM Modi Nagpur Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नागपुर दौरा: आरएसएस और दीक्षाभूमि का किया दौरा, संघ की सराहना की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नागपुर के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय और दीक्षाभूमि का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय इतिहास, राष्ट्रीय चेतना और आरएसएस के योगदान पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि भारत का इतिहास सैकड़ों वर्षों की गुलामी और अनेकों आक्रमणों का साक्षी रहा है। शत्रुओं ने बार-बार इस राष्ट्र की आत्मा को कुचलने की कोशिश की, लेकिन भारत की चेतना कभी आहत नहीं हुई। देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर सामाजिक आंदोलनों का जन्म होता रहा, जिसने इस राष्ट्र की आत्मा को जीवंत बनाए रखा। उन्होंने कहा कि भारत की यह आत्मा और संघर्षशीलता ही इसे एक सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाने में सहायक रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के योगदान की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि संघ की वर्षों की तपस्या ने आज भारत के नए युग का निर्माण किया है। संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का वह अक्षयवट है, जो समय की आंधियों को झेलते हुए भी सतत रूप से समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में लगा हुआ है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस अपनी स्थापना के 100 वर्षों में एक महान वटवृक्ष का रूप ले चुका है, जिसकी शाखाएं पूरे देश में फैली हुई हैं। संघ के स्वयंसेवक बिना किसी भेदभाव के समाज सेवा में जुटे रहते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि गुरुजी ने संघ की तुलना प्रकाश से की थी, जो न केवल अंधकार दूर करता है, बल्कि समाज को भी नई दिशा देता है।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान यह भी कहा कि किसी भी आपदा या संकट के समय संघ के स्वयंसेवक सबसे पहले मदद के लिए पहुंचते हैं। चाहे बाढ़ हो, भूकंप हो या अन्य कोई प्राकृतिक आपदा, संघ के स्वयंसेवक अपनी निस्वार्थ सेवा भावना से पीड़ितों की सहायता में जुट जाते हैं। उन्होंने महाकुंभ मेले का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वयंसेवकों ने वहां लाखों श्रद्धालुओं की सहायता की और यह दिखाया कि सेवा ही उनका प्रमुख उद्देश्य है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता समाज के सबसे गरीब तबके को सर्वोत्तम चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर देते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है ताकि देश के हर नागरिक को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मिल सके।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के अंत में कहा कि भारत अब गुलामी की मानसिकता से बाहर निकल रहा है और एक नए आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने जनता का आह्वान किया कि वे इस राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें और देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहयोग करें।



