Kashmir Terror Attack: पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में पहला आतंकी हमला, हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की गोली मारकर हत्या
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों ने पुलिस के एक हेड कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर घाटी में यह पहला बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, अनंतनाग के लाल चौक इलाके में आतंकवादियों ने हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को बेहद करीब से निशाना बनाया। अचानक हुई अंधाधुंध फायरिंग में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अनंतनाग ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात कैद हो गई है। फुटेज में कथित तौर पर एक हमलावर को दुकान के बाहर से निकलकर हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी का पीछा करते हुए देखा जा सकता है। कुछ ही क्षण बाद वह बेहद करीब पहुंचकर उन पर कई राउंड फायरिंग करता है और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो जाता है। सुरक्षा एजेंसियां अब इसी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान और तलाश में जुटी हुई हैं।
हमले के तुरंत बाद पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और संदिग्धों की तलाश के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही बेहद कड़ी है। यात्रा मार्ग और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। प्रतिकूल मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा रविवार से अस्थायी रूप से स्थगित है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया था। अब अनंतनाग में हेड कांस्टेबल की हत्या ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने घटना के बाद पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के परिवार के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं।
उपराज्यपाल ने अपने बयान में कहा कि पूरा देश शहीद पुलिसकर्मी के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने इस हमले को कायरतापूर्ण और जघन्य आतंकवादी कृत्य बताते हुए कहा कि इसके पीछे शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय इनपुट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस हमले में शामिल आतंकियों को पकड़ने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा।



