उपराज्यपाल वी के सक्सेना द्वारा नियुक्त 10 ‘एल्डरमैन’ को पहले शपथ दिलाने को लेकर आम आदमी पार्टी के पार्षदों के तीखे विरोध के बीच नवनिर्वाचित दिल्ली नगर निगम की पहली बैठक रविवार को महापौर और उप महापौर के चुनाव के बिना ही स्थगित कर दी गई। महापौर और उप महापौर चुनाव के लिए नियुक्त पीठासीन अधिकारी एवं भारतीय जनता पार्टी की पार्षद सत्या शर्मा ने कहा, “एमसीडी सदन की बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई है। अगली तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।” एमसीडी सदन में 10 ‘एल्डरमैन’ को शपथ दिलाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के साथ ही हंगामा होने लगा। ‘आप’ के कई विधायक और पार्षद पार्षद नारे लगाते हुए आसन के करीब पहुंच गए। उन्होंने निर्वाचित पार्षदों के बजाय ‘एल्डरमैन’ को पहले शपथ दिलाने का विरोध किया। जवाब में भाजपा पार्षदों ने ‘आप’ और उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सदस्यों पर हाथापाई का आरोप भी लगाया।
बैठक की शुरुआत भाजपा पार्षद सत्या शर्मा को दिल्ली नगर निगम के महापौर और उप महापौर पद के चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी के रूप में शपथ दिलाने के साथ हुई। शर्मा के ‘एल्डरमैन’ मनोज कुमार को शपथ लेने के लिए आमंत्रित करने पर ‘आप’ के विधायक और पार्षद विरोध करने लगे। कई विधायक और पार्षद नारे लगाते हुए सदन में आसन के करीब पहुंच गए। ‘आप’ पार्षदों के पीठासीन अधिकारी की मेज सहित अन्य मेज पर खड़े होकर नारेबाजी करने के बीच शपथ दिलाने की प्रक्रिया रोक दी गई। भाजपा के पार्षद भी मेज के आसपास जमा हो गए। इस दौरान उनके और ‘आप’ पार्षदों के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली। शर्मा ने बताया, “पहले सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित की गई थी। चार ‘एल्डरमैन’ ने शपथ ग्रहण की। हम जल्द बैठक करेंगे और बाकी ‘एल्डरमैन’ को पहले शपथ दिलाई जाएगी।”



