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दिल्ली AIIMS में सर्वर हैकिंग में अब चीन का आया नाम

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दिल्ली के AIIMS में इलाज करवा चुके लाखों मरीजों की गुप्त व्यक्तिगत जानकारियां हैकरों के हाथ लग गई हैं। हैकरों ने एम्स के पांच प्रमुख सर्वरों को निशाना बनाया है। पिछले 10 दिनों से ये सर्वर रिकवर नहीं हो पाए हैं। अब आशंका जताई जा रही है कि इस हैकिंग के पीछे चीनी हैकरों का हाथ हो सकता है। उधर, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी इसे बड़ी साजिश माना है। उन्होंने भी आशंका जताई है कि इसके पीछे स्टेट एक्टर या बड़े संगठित गैंग भी हो सकते हैं। वहीं, सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि एम्स का सर्वर 8 दिन तक हैक रहना कोई मामूली घटना नहीं है। इस सर्वर हैकिंग के पीछे बड़ी साजिश होने की संभावना है। ऐसे मामलों को लेकर डिजिटल डाटा प्रोटेक्शन बिल लाया जाएगा। वहीं, एम्स सर्वर हैकिंग को लेकर साइबर एक्सपर्ट शैलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि अस्पताल के सिस्टम में स्वास्थ्य से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारियां होती हैं, जिसमें बाहरी देशों की नजर रहती है। केंद्रीय मंत्री ने इसे रैनसमवेयर का मसला बताते हुए कहा कि इसमें मरीज का डेटा लीक नहीं हुआ है बल्कि मरीज के डेटा का एक्सेस एम्स अस्पताल से बंद हो गया है। यह साइबर सिक्यॉरिटी का मसला है। राजीव चंद्रशेखर ने आगे कहा कि सरकार डेटा ब्रीच को लेकर डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल लाने जा रही है उसके लागू होने के बाद एम्स जैसी घटना होने पर पीड़ित व्यक्ति अपनी डेटा प्राइवेसी को लेकर डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड के पास ईमेल भेजकर शिकायत कर सकते हैं।

एम्स का सर्वर 23 नवंबर की सुबह 7 बजे डाउन हुआ था। 24 घंटे बाद भी सर्वर ठीक नहीं हो पाने के बाद एम्स के अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस को इस मामले की जानकारी दी थी। एम्स की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। इस मामले को दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशन यूनिट को सौंप दिया गया था। इसके बाद कई दिनों तक मेडिकल संस्था का डिजिटल कामकाज काफी प्रभावित रहा।

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