अरुणाचल प्रदेश की एक अदालत ने गर्भवती महिला से बलात्कार के आरोपी भाजपा विधायक लोकम टसर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। ईटानगर के पास युपिया की सत्र अदालत ने गिरफ्तारी से बच रहे कोलोरियांग विधायक की जमानत याचिका स्वीकार नहीं की। पुलिस ने टसर के खिलाफ चार जुलाई को अपने आवास पर महिला से बलात्कार करने का मामला दर्ज किया था। जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश गोटे मेगा ने कहा, “प्रथम दृष्टया इस स्तर पर यह सामने आया है कि याचिकाकर्ता और पीड़ित घटना के स्थान पर उपस्थित थे।
विधानसभा अध्यक्ष को सूचना देकर विधायक को कर सकती है गिरफ्तार
लेकिन, कथित अपराध संबंधित दिन पर किया गया था या नहीं, यह सबूत पर निर्भर करता है। इसलिए इस स्तर पर निर्णय नहीं लिया जा सकता। हालांकि, याचिकाकर्ता की स्थिति और दर्जा को देखते हुए इस बात की आवश्यकता महसूस की जा रही है कि वह जल्द से जल्द मामले के जांच अधिकारी के सामने उपस्थित हों और आपराधिक जांच में शामिल हों।” महिला के वकील ने कहा कि पुलिस अब विधानसभा अध्यक्ष को सूचना देकर विधायक को गिरफ्तार कर सकती है, क्योंकि इसके लिए अभियोजन की मंजूरी की जरूरत नहीं है। विधायक की ओर से पेश हुए अधिवक्ता खोड़ा तमा ने अदालत के समक्ष कहा कि टसर ने न तो कभी बलात्कार किया और न ही किसी भी समय पीड़िता से सहमति से संबंध बनाए।
नाहरलागुन और ईटानगर में विधायक के दो घरों पर छापेमारी
उन्होंने अदालत से टसर को जमानत देने का भी अनुरोध किया, क्योंकि वह बुलाए जाने पर हर समय जांच में सहयोग करने के लिए तैयार थे। इस बीच, पुलिस ने कहा कि उन्होंने विधायक की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) कामदम सिकोम ने कहा कि नाहरलागुन और ईटानगर में विधायक के दो घरों पर छापेमारी की गई, लेकिन वहां वह नहीं मिले। सिकोम ने कहा कि जैसे ही वह मिल जाएंगे हम उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे।



