UPI MDR Charges: यूपीआई पर चार्ज लगा मोदी सरकार ने आम आदमी को फिर लूटा : आदेश भारद्वाज
नई दिल्ली ( स्पर्श भारद्वाज ) : दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने केंद्र सरकार द्वारा यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के फैसले की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह फैसला आम आदमी, छोटे व्यापारियों और डिजिटल इंडिया के सपने पर सीधा हमला है। उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। इस मुद्दे पर करावल नगर कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष आदेश भारद्वाज ने भी इस फैसले को सरकारी लूट बताते हुए कहा है कि मोदी सरकार ने पहले यूपीआई को मुफ्त बताकर पूरे देश को डिजिटल पेमेंट की आदत डाली, अब उसी पर 0.4 प्रतिशत चार्ज लगाकर लोगों की जेब काटने का काम किया है। सरकार बार-बार कह रही है कि यह चार्ज ग्राहकों पर नहीं लगेगा, लेकिन हकीकत यह है कि हर मर्चेंट इस खर्च को अंततः ग्राहक पर ही डालेगा। दुकानदार कीमत बढ़ाएंगे या कैश मांगने लगेंगे। नतीजा यह होगा कि आम आदमी को महंगाई का नया झटका लगेगा। आदेश भारद्वाज ने राहुल गांधी के बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी जी ने वर्षों पहले ही चेतावनी दी थी कि मोदी सरकार अमेरिकी कंपनियों और डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए यूपीआई जैसे स्वदेशी सिस्टम को कमजोर कर रही है। जो अब सच्चाई बता रहा है कि यह अमेरिकी दबाव में लिए गया फैसला है। अगर सरकार सच में आम आदमी की हितैषी है तो यूपीआई को फिर से पूरी तरह मुफ्त रखे। छोटे व्यापारियों और गरीब तबके पर अतिरिक्त बोझ डालना बिलकुल गलत है। उन्होंने तीखे सवाल करते हुए कहा कि जब यूपीआई से सरकार को टैक्स कलेक्शन में फायदा हो रहा था, काला धन कम हो रहा था और डिजिटल लेन-देन बढ़ रहा था, तो अचानक यह चार्ज क्यों लगाया गया? क्या सिस्टम को चलाने का खर्च अचानक इतना बढ़ गया? या फिर यह आम आदमी से वसूली का नया तरीका है? आदेश ने चेतावनी दी कि अगर यह फैसला लागू रहा तो लोग फिर से कैश की तरफ लौटेंगे और डिजिटल इंडिया का दावा ना सिर्फ खोखला साबित होगा बल्कि यह केंद्र की बीजेपी सरकार के ताबूत में ठुकी एक महत्वपूर्ण कील साबित होगा।



