पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के मालबाजार में माल नदी में अचानक आई बाढ़ में आठ लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य के लापता होने की आशंका है। स्थानीय लोग वहां देवी दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन करने के लिए जमा हुए थे। पुलिस ने यह जानकारी दी। जलपाईगुड़ी की जिलाधिकारी मौमिता गोदारा बसु ने मरने वालों की संख्या आठ होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, “रात नौ बजे कई लोग माल नदी के किनारे जमा हो गए थे लेकिन अचानक आई बाढ़ में कई लोग बह गए। प्रशासन ने वहां मूर्तियों का विसर्जन तुरंत रोक दिया। बुधवार की देर शाम तक आठ शव बरामद किए जा चुके थे। लगभग 40 लोगों को बचाया गया है, जो बाढ़ में बह गए थे।” जलपाईगुड़ी के जिला पुलिस अधीक्षक, देवर्षि दत्ता ने कहा कि शुरू में केवल दो शव बरामद किए गए थे और जैसे ही बचाव अभियान शुरू किया गया था, 6 और शव बरामद किए गए थे। दत्ता ने कहा, “जिला पुलिस, राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है।” हालांकि, राज्य पुलिस सूत्रों ने बताया कि शाम के समय के कारण बचाव दल को बचाव कार्यों में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक जिला पुलिस अधिकारी ने कहा, “कम से कम कल सुबह तक, हताहतों और लापता लोगों की सही संख्या का पता लगाने में कुछ और घंटे लगेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि लापता लोगों की सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। माल विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय विधायक बुलु चिक बारैक ने कहा कि प्रशासन के अलावा स्थानीय लोग भी बचाव दल की मदद कर रहे हैं। दरअसल, माल नदी में दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था। तभी माला नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने लगा। पानी का अचानक तेज बहाव आया। नदी के तेज बहाव के बीच दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए कई लोग उतरे हुए थे। तेज बहाव में करीब 40 से अधिक लोग बह गए। जबकि कुछ को पास में खड़े लोगों ने बचा लिया। फिलहाल प्रशासन की तत्परता से जेसीबी की मदद से राहत और बचाव का काम शुरू हुआ है, लेकिन पहाड़ से तेज गति से हो रहे पानी के बहाव के कारण लोगों को बाहर निकालने में काफी समस्या हो रही है। जलपाईगुड़ी की डीएम मौमिता गोदरा बसु पूरे हालात पर निगरानी बनाई हुई हैं। माल सुपर स्पेशियलिटी और माल महकमा अस्पताल में घायलों को भर्ती कराया गया है।



