यमुना के प्रदूषण में आई है काफी कमी : मुकेश बंसल
* आप पार्टी को हल्ला मचाने की आदत
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : छठ पर्व के मौके पर आम आदमी पार्टी के नेताओं नें यमुना में बढ़ते प्रदूष्ण के कई बार आरोप लगाये | आम आदमी पार्टी के नेता झूठ बोलने में माहिर है वे एक ही झूठ को इतनी बार बोलते हैं कि वे समझते हैं ऐसा करने से लोग उनकी झूठ को ही सच समझने लगेगें | यह कहना है कर्दम पुरी वार्ड से निगम पार्षद शाहदरा उत्तरी वार्ड कमेटी के डिप्टी चेयरमेन मुकेश बंसल का |
मुकेश बंसल कहते हैं अपने एक दशक के शासनकाल में यमुना को गंदा नाला बनाने वाली आप पार्टी की सरकार के नेताओं को यह झूठ बोलते शर्म भी नहीं आ रही कि करोड़ों रूपये यमुना की सफाई पर खर्च करने के बाद भी आप पार्टी की सरकार यमुना को नहाने लायक भी नहीं बना पाई | अरविन्द केजरीवाल नें एक दो बार नहीं बल्कि अनेक बार लोगो से माफ़ी तक मांगी कि वे तय समय पर यमुना की सफाई नहीं करा सके लेकिन वादा करता हूँ अगले साल दिल्ली के लोगो के साथ स्वच्छ पानी में यमुना में डुबकी लगाऊंगा लेकिन उनका वह अगला साल नहीं आया अलबत्ता उनकी सरकार ही चली गई |
मुकेश बंसल कहते हैं यमुना की सफाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एजेंडा है ,विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने यमुना की सफाई को अपनी जिम्मेवारी बताया था ,और उनके निर्देश पर केंद्र सरकार के साथ-साथ दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार नें यमुना की सफाई को ले गंभीरता से काम करना शुरू किया जिसके चलते यमुना के पानी में काफी सुधार भी हुआ जो आम आदमी पार्टी के नेताओं को नागवार गुजरा और उन्होंने दिवाली से पहले ही यमुना की सफाई को ले भाजपा सरकार पर हल्ला बोलना शुरू कर दिया | मुकेश बंसल कहते हैं यमुना नदी का प्रदूषण दिन-प्रतिदिन कम होता जा रहा है और इसका खुलासा हुआ है डीपीसीसी की रिपोर्ट में, जो यह बताती है कि पानी में फिकल कोलीफॉर्म के स्तर में भारी कमी आई है| रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2024 से अगर तुलना की जाए को यमुना नदी के पानी की गुणवत्ता में काफी सुधार आया है |
मुकेश बंसल कहते हैं कि कि सिर्फ 7 महीनों में यमुना नदी में प्रदूषण स्तर में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है. फीकल कोलीफॉर्म (मानव मल प्रदूषण) का स्तर 90 फीसदी से अधिक घटा है; 8 में से 4 सैंपलिंग पॉइंट अब 2500 एमपीएन 100एम.एल. की स्वीकृत सीमा के भीतर या करीब पहुंच गए हैं. मुकेश बंसल कहते हैं , आम आदमी पार्टी की सरकार सरकार 10 साल घोषणाएं करती रही, दूसरी ओर रेखा गुप्ता सरकार नें 7 महीनों में नतीजे दिखा दिए |



