Women reservation bill india: तीन साल से महिलाओं का हक दबाये बैठी है मोदी सरकार : जवाहर धवन
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : महिला आरक्षण बिल 2023 में दोनों सदन में पास हो गया था महामहिम राष्ट्रपति जी ने भी हस्ताक्षर करके महिलाओं को आरक्षण देने का रास्ता साफ कर दिया था लेकिन बीजेपी सरकार तब से उस महिला आरक्षण बिल को बगल में दबाकर रखे हुए थी यह कहना है जनहित स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष प्रसिद्ध समाजसेवी जवाहरलाल धवन का | श्री धवन कहते हैं सवाल ये है महिला विरोधी कौन अब अचानक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव का प्रचार चल रहा है तब अचानक लोकसभा सेशन बुलाकर परिसीमन बिल लाया जाता है कि 543 सीट बढ़ा कर 850 सीट कर दी जाए तो महिला आरक्षण बिल लागू होगा, उसके लिए देश की जनगणना करवानी जरूरी है जब 2023 से 2026 आ गया जनगणना क्यो नही करवाई गई, ऐसा ना करके विपक्ष को महिला विरोधी कहना और अपने आप को महिलाओं का हितेषी कहना वो भी जब इनके कर्ई नेताओं पर महिला अपराधी मुकदमे चल रहे हो, मणिपुर, महिला पहलवान, कुलदीप सै॓गर, हाथरस, ऐसे अनगिनत महिला शौषण के उदाहरण है जो इनके नेता या इनकी सरकार के कारण हो रहे हे, ये तो एक जिद्दी सरकार की कार्यशैली लगती है कि मेरी जेब में 543 रु है उसमें से मै 180 रू नहीं दूंगा पहले मेरी जब में 850 रु करो फिर दूगां ,जो अभी है उसमें से तो पहले दे दो महिलाओं का हक दबाकर रखने के बहाने बाजी आखिर कब तक चलेगी, कथनी और करनी में फर्क़ है साफ पता चल रहा है, बाकी देश की जनता समझदार है |



