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Vedanta Blast Case: छत्तीसगढ़ प्लांट हादसे में 21 मौतें, वेदांता पर गंभीर लापरवाही के आरोप

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Vedanta Blast Case: छत्तीसगढ़ प्लांट हादसे में 21 मौतें, वेदांता पर गंभीर लापरवाही के आरोप

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित थर्मल पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने बड़ा औद्योगिक हादसा खड़ा कर दिया है। इस दर्दनाक घटना में अब तक 21 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में इलाजरत हैं। हादसे के बाद कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

यह प्लांट वेदांता समूह से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिसके चेयरमैन अनिल अग्रवाल हैं। शुरुआती जांच रिपोर्टों में संकेत मिले हैं कि कई चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया और उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाज़ी ने इस हादसे को और भयावह बना दिया।

तकनीकी जांच के अनुसार, बॉयलर फर्नेस के भीतर अत्यधिक मात्रा में ईंधन जमा होने के कारण अचानक असंतुलित दबाव बन गया, जिससे विस्फोट हुआ। इस दबाव के कारण बॉयलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और पूरी संरचना को भारी नुकसान पहुंचा।

फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट में भी यह पुष्टि हुई है कि अनबर्न्ट फ्यूल के कारण दबाव खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था, जो विस्फोट का मुख्य कारण बना।

जांच में यह भी सामने आया है कि हादसे से कई घंटे पहले ही सिस्टम में खराबी के संकेत मिलने लगे थे। प्राइमरी एयर (PA) फैन सुबह से ही कई बार फेल हुआ और सुबह करीब 10:30 बजे इसकी खराबी कंट्रोल रूम लॉग में दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बावजूद उत्पादन बंद नहीं किया गया।

सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि दोपहर 1:03 बजे से 2:09 बजे के बीच बॉयलर का लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर 590 मेगावाट कर दिया गया, जिससे पहले से अस्थिर सिस्टम पर अत्यधिक दबाव पड़ा। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में उत्पादन बढ़ाना बेहद खतरनाक था।

इसके कुछ ही देर बाद दोपहर 2:33 बजे बॉयलर में भीषण विस्फोट हुआ, जिसने फर्नेस सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया। विस्फोट के कारण बॉटम रिंग हेडर पाइप फट गया और अंदर काम कर रहे मजदूरों के लिए कोई बचाव संभव नहीं रहा।

जांच में यह भी पाया गया है कि कंपनी और उससे जुड़ी एजेंसी एनजीएसएल द्वारा मशीनरी के रखरखाव और सुरक्षा मानकों का पालन ठीक से नहीं किया गया। इसी लापरवाही को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

इस मामले में पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। थाना डभरा में अपराध क्रमांक 119/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत वेदांता के निदेशक अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेंद्र पटेल और अन्य अधिकारियों को नामजद किया गया है।

फिलहाल पुलिस और तकनीकी टीमें पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हैं, जबकि यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा और प्रबंधन की गंभीर विफलता के रूप में देखा जा रहा है।

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