Vaishno Devi Landslide: वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से एक तीर्थयात्री की मौत, 10 घायल, यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित
कटरा/रियासी, जुलाई 2025: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में वैष्णो देवी मंदिर के पुराने मार्ग पर सोमवार सुबह भीषण भूस्खलन की घटना ने श्रद्धालुओं में हड़कंप मचा दिया। त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध गुफा मंदिर की ओर जाने वाले इस मार्ग पर बाणगंगा के समीप गुलशन का लंगर क्षेत्र में सुबह करीब 8:30 बजे भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। हादसे में एक श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रशासन ने तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोपहर 1 बजे तक के लिए तीर्थयात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। घटना के समय बड़ी संख्या में टट्टू सवार और श्रद्धालु पुराने मार्ग पर मौजूद थे। इस मार्ग पर तीर्थयात्रियों का पंजीकरण होता है और यही मार्ग उन्हें 12 किलोमीटर दूर गुफा मंदिर तक ले जाता है।
घटना की जानकारी मिलते ही जम्मू के जिला मजिस्ट्रेट सचिन कुमार वैश्य, जो माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी हैं, घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि भूस्खलन के बाद मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है, ताकि रास्ता दोबारा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।
घायलों में चेन्नई निवासी 70 वर्षीय उप्पन, उनकी पत्नी 66 वर्षीय के राधा और हरियाणा के 70 वर्षीय राजिंदर भल्ला शामिल हैं, जिन्हें तत्काल नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की 56 वर्षीय लीला रायकवार का उपचार कटरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। अन्य घायलों को प्राथमिक चिकित्सा के बाद छुट्टी दे दी गई है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है और कहा है कि वह स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने सभी राहत एजेंसियों को घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बारिश और भूस्खलन के मौसम में यह मार्ग अक्सर संवेदनशील हो जाता है, ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति पर नजर रखें और केवल अधिकृत मार्गों का ही उपयोग करें। वैष्णो देवी यात्रा में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं और यह देश के सबसे व्यस्त धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।



