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Delhi Women Safety: महिलाओं और किशोरियों के प्रति राजधानी में लगातार बढ़ रहे हैं अपराध : नीलम चौधरी

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Delhi Women Safety: महिलाओं और किशोरियों के प्रति राजधानी में लगातार बढ़ रहे हैं अपराध : नीलम चौधरी

महिलाओं और किशोरियों के प्रति राजधानी में लगातार बढ़ रहे हैं अपराध : नीलम चौधरी नई दिल्ली ( स्पर्श भारद्वाज ) : राजधानी दिल्ली में महिलाओं और किशोरियों के प्रति जघन्य अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और ट्रिपल इंजन की सरकार इन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रही है | यह कहना है व्रोस्ठ कांग्रेस नेता समस्त आर.डब्लू.ए. रोहताश नगर की संस्थापक अध्यक्ष नीलम चौधरी का | नीलम चौधरी कहती है महरौली में फुटपाथ पर परिवार के साथ सो रही एक 11 वर्षीय छोटी लड़की का पहले अपहरण फिर बलात्कार और उसके बाद उसकी हत्या करने का मामला दिल्ली की ध्वस्त कानून व्यवस्था की पोल खोलता है। यह वारदात ट्रिपल इंजन सरकार के दावों की पोल खोलती है | नीलम कहती हैं राजधानी में महिलाओं और लड़कियों के साथ बलात्कार, यौन शोषण के बढ़ती दर के कारण दिल्ली महिलाओं के लिए सुरक्षित नही है। दिल्ली में भाजपा की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक महिला होते हुए यदि दिल्ली में महिलाएं हीं सुरक्षित नही हैं तो अन्य नागरिकों की सुरक्षा तो भगवान भरोसे है। दिल्ली में भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने अभी तक नाकाम साबित रही है, जबकि दिल्ली की जनता को उम्मीद थी कि रेखा गुप्ता केन्द्रीय गृहमंत्रालय के आधीन दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर महिलाओं की सुरक्षा को व्यवस्थित करेगी, लेकिन राजधानी में कानून व्यवस्था सुधारने की जगह और बदहाल हो रही है।
नीलम कहती है कुछ माह पूर्व जनकपुरी के प्राईवेट स्कूल में 3 साल की मासूम बच्ची के साथ स्कूल कर्मचारी द्वारा यौन शोषण करने जैसे मामले होने का मतलब उन्हें कानून का कोई डर नही है। दिल्ली सरकार को महिलाओं और बच्चियों के साथ अत्याचार करने वालों को कड़ी सजा का प्रावधान करके कानून बनाना चाहिए, ताकि लोग ऐसे घिनोने काम करने से डरें। में इलाज के लिए भर्ती होने से मना कर दिया। नीलम कहती हैं कि वर्ष 2024 की एनसीआबी की रिपोर्ट में राजधानी के महिलाओं के खिलाफ अपराधिक मामले दिल दहलाने वाले है जिनमें दहेज के लिए 109 मौते, बलात्कार के 1058 मामले, घरेलू क्रूरता के 4646 मामले अपहरण के 3974 मामले और यौन उत्पीड़न के 316 मामले दर्ज हुए। वर्ष 2024 में राजधानी में प्रति 1 लाख की जनसंख्या पर महिलाओं के खिलाफ अपराध की संख्या 176.8 रही। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पहले महीने के 15 दिनों में 509 महिलाएं और लड़कियां लापता हुई जबकि रिपोर्ट के अनुसार राजधानी दिल्ली में प्रतिदिन 3-4 महिलाएं अथवा लड़कियां बलात्कार का शिकार हो रही है।

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