US Iran Ceasefire Update: अमेरिका-ईरान में 2 हफ्ते का युद्धविराम, इजरायल ने लेबनान को किया अलग
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। दोनों देशों ने आपसी सहमति से 2 हफ्तों के लिए सीजफायर बढ़ाने पर सहमति जता दी है। इस फैसले से संभावित बड़े सैन्य टकराव को फिलहाल टाल दिया गया है, हालांकि क्षेत्र में तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि “आज रात एक सभ्यता की मौत होने वाली है”, जिससे संकेत मिल रहा था कि अमेरिका किसी बड़े सैन्य हमले की तैयारी में है। लेकिन हमले से कुछ घंटे पहले ही ईरान की एक रणनीतिक चाल ने पूरे घटनाक्रम को बदल दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Iran ने अपने महत्वपूर्ण पावर प्लांट्स और संवेदनशील ठिकानों के आसपास बड़ी संख्या में युवाओं को तैनात कर दिया। इसे लेकर ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि ईरान ‘ह्यूमन शील्ड’ का इस्तेमाल कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। इस कदम को ट्रंप ने “सरासर बेईमानी” करार दिया।
इसी बीच Pakistan ने मध्यस्थता करते हुए अमेरिका और ईरान दोनों को एक शांति प्रस्ताव भेजा, जिसमें 2 हफ्तों के लिए युद्धविराम की मांग की गई थी। कुछ घंटों की गहन बातचीत के बाद अमेरिका ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और दोनों देशों के बीच सीजफायर लागू हो गया। अब 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव के आधार पर आगे की बातचीत जारी रहेगी।
हालांकि इस समझौते के बावजूद Israel ने अलग रुख अपनाया है। इजरायल ने साफ कर दिया है कि लेबनान को इस सीजफायर का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा। इसी के चलते दक्षिणी Lebanon में इजरायली हमले जारी हैं, जहां हाल ही में एक इमारत परिसर से धुआं उठता देखा गया।
इन घटनाक्रमों के बीच भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। 7 अप्रैल 2026 को जारी निर्देशों में Iran में रह रहे भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल सुरक्षित और सुझाए गए रास्तों का ही उपयोग करें और बिना समन्वय के किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने से बचें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की जल्दबाजी खतरनाक साबित हो सकती है। आपात स्थिति के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर से राहत जरूर मिली है, लेकिन इजरायल-लेबनान मोर्चे पर जारी तनाव यह संकेत दे रहा है कि मध्य पूर्व में स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।



