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ट्रिपल इंजन सरकार गांवों के विकास की ओर उठा रही ही बड़े कदम, नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप तेज़ी से विकास की ओर अग्रसर है : राजकुमार बल्लन

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Triple Engine Government is taking big steps towards development of villages Rajkumar Ballan

ट्रिपल इंजन सरकार गांवों के विकास की ओर उठा रही ही बड़े कदम, नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप तेज़ी से विकास की ओर अग्रसर है : राजकुमार बल्लन

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली की ट्रिपल इंजन सरकार दिल्ली शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास की बराबर संभावनाएं तलाश रही है और ग्रामीण अंचल के विकास की योजनाएं बना रही है | यह कहना है भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चे के दिल्ली प्रदेश संयोजक राजकुमार बल्लन का | राजकुमार बल्लन कहते हैं भारतीय जनता पार्टी जो कहती है उसे पूरा करके दिखाती है | श्री बल्लन कहते हैं गत दिनों गाँव देहात क्षेत्र में बुनियादी विकास के लिए करीब सात दो बीस करोड़ रूपये की मंजूरी दे सरकार नें इस ओर विकास के कदम बढ़ा दिए हैं | इस बजट से करीब 40 गावों में करेब पौने चार सौ परियोजनाओं पर काम शुरू होगा | जिससे ना केवल ग्रामीण क्षेत्रो का ढांचा मजबूत होगा बल्कि उसका शहरों के ढांचे पर भिअस्र पड़ेगा | दिल्ली सरकार के इस प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रो का सीवेज सिस्टम,सडकों की दशा तथा सामुदायिक भवनों चौपालों की दशा सुधरेगी | श्री बल्लन बताते है गत दिनों इस बाबत दिल्ली ग्रामीण विकास बोर्ड की बैठक जो राजकुमार चौहान की अध्यक्षता में हुई में गाव्नो के विकास की योजना बनाई गई जो कि निश्चित रूप से गावों के विकास को आगे बढ़ाएगी | राजकुमार बल्लन कहते हैं करीब दो माह पूर्व भी उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली देहात को सौगात दी थी । उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री ने बाहरी दिल्ली के एक गावं में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली ग्रामोदय अभियान (डीजीए) के तहत दिल्ली के 50 गांवों में 81 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया था । ये परियोजनाएं दिल्ली के पांच ज़ोन में हैं। इन 81 परियोजनाओं में से 16 द्वारका ज़ोन, 10 पूर्वी ज़ोन, 13 नरेला, 20 उत्तरी ज़ोन और 22 रोहिणी ज़ोन में शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि कि दिल्ली अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप तेज़ी से विकास की ओर अग्रसर है। पिछली सरकारें सिर्फ़ राजनीति पर केंद्रित रहीं और सड़कों, सामुदायिक भवनों या स्कूलों जैसी गांव की बुनियादी ज़रूरतों को नजरअंदाज करती रहीं। डीजीए के तहत अब तक 760 करोड़ रुपये की लागत के 854 कार्यों को मंजूरी दी गई है, जिनमें डीडीए द्वारा कार्यान्वित की जाने वाली 156 परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों की किसी को चिंता नहीं थी, तब उपराज्यपाल ने लोगों की जरूरतों को सुनने के लिए व्यक्तिगत रूप से गांवों का दौरा किया और यह सुनिश्चित किया कि ये परियोजनाएं डीडीए के माध्यम से पूरी हों। इस अभियान के अंतर्गत 760 करोड़ रुपये की लागत के 854 कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें डीडीए की 156 परियोजनाएं शामिल हैं। राजकुमार बल्लन कहते हैं ग्रामीण विकास बोर्ड दिसंबर 2017 में बनाया गया था। इसने दिल्ली रूरल डेवलपमेंट बोर्ड की जगह ली है। इसका काम ग्रामीण और शहरी गांवों का विकास करना है। इसका मकसद लोगों के रहने के तरीके को बेहतर बनाना और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है। श्री बल्लन कहते हैं इस बार के प्रोजेक्ट्स में सड़कों का निर्माण, चौपाल, सामुदायिक हॉल और कई श्मशान घाट शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स को स्थानीय जरूरतों और जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए अनुमानों के आधार पर चुना गया है। श्री बल्लन कहते हैं पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार नें विकास कार्य ठप्प कर दिए थे जिन्हें शुरू करने के लिए रेखा गुप्ता सरकार को नये सिरे से प्रयास करने पड़ रहे हैं |

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