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ट्रिपल इंजन की सरकार नहीं कर पा रही जल संकट का समाधान : विपिन शर्मा

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विपिन शर्मा
ट्रिपल इंजन की सरकार नहीं कर पा रही जल संकट का समाधान : विपिन शर्मा

ट्रिपल इंजन की सरकार नहीं कर पा रही जल संकट का समाधान : विपिन शर्मा

* दूषित जलापूर्ति से जनता हुई परेशान

– हर्ष भारद्वाज – नई दिल्ली ,दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान दिल्ली की जनता को सब्जबाग दिखने वाली भारतीय जनता पार्टी दिल्ली की जनता को पीने का पानी भी मुहैया नहीं कर पा रही | जहां पानी आ भी रहा है इतना दूषित है पीना तो दूर उससे घर का कोई और काम भी नहीं किया जा सकता यह कहना है रोहताश नगर के पूर्व विधायक विपिन शर्मा का |

विपिन शर्मा कहते हैं रोहताश नगर विधानसभा के राम नगर विस्तार क्षेत्र में पिछले कई दिनों से एकदम काले रंग का पानी आ रहा है लोगो को मजबूर हो बाज़ार से महंगा पानी खरीदना पड़ रहा है | विपिन शर्मा कहते हैं मानसरोवर पार्क,न्यू मोडर्न शाहदरा ,जगतपुरी अशोक नगर सहित कई कालोनियों में जल संकट व्याप्त है | विपिन शर्मा कहते हैं यमुनापार की अनेक कालोनियां इस मौसम में भी जल संकट झेल रही हैं | जहां यमुना में जरूरत से ज्यादा पानी नें तबाही मचा कर रखी है वहीं जनता को पीने के लिए बूंद-बूंद को तरसना पड़ रहा है |

विपिन शर्मा कहते हैं दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए प्रतिदिन लगभग 1290 एमजीडी पानी की जरुरत है परंतु दिल्ली जल बोर्ड 990 एमजीडी पानी प्रतिदिन ट्रीट ही कर पाता है जबकि दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार 52 प्रतिशत पानी चोरी या बर्बाद हो जाता है। जल बोर्ड दिल्ली में पीने योग्य पानी का उत्पादन और वितरण करने की अपनी जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। विपिन शर्मा कहते हैं दिल्ली जल बोर्ड गर्मी और गर्मी के बाद भी दिल्लीवालों को पानी की आपूर्ति देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है क्योंकि कुल सीवेज ट्रीटेड वाटर 604 एमजीडी में से महज 11.6 प्रतिशत 94 एमजीडी इस्तेमाल होता है बाकी सीवेज के ट्रीटेट पानी को नालों में बहा दिया जाता है, जो यमुना में चला जाता है। सरकार के पास 2484 एमएलडी पानी को संरक्षित रखने की क्षमता नही है। ट्रीटेट 94 एमजीडी पानी में 81 एमजीडी पानी हॉर्टिकल्चर के इस्तेमाल में और 10 एमजीडी पानी पावर प्लांट की यूनिटों को ठंडा करने में इस्तेमाल हो जाता है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली 90 प्रतिशत जलापूर्ति के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर है। दिल्ली में पानी की भारी किल्लत है जिसका हल निकालने में भाजपा सरकार के पास कोई साधन नहीं है। विपिन शर्मा कहते हैं कि भाजपा की रेखा सरकार के जल मंत्री लगातार सीवेज ट्रीटमेंट बढ़ाने और सीवेज ट्रीटमेंट जल की क्षमता बढ़ाने के बयान दे रहे है, जबकि मौजूदा 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में से 25 प्लांट मानको के अनुसार खरे नही उतरे और अपनी क्षमता अनुसार काम नही कर पा रहे है। उन्होंने कहा कि जल मंत्री मौजूदा व्यवस्था में सुधार लाने की बजाय नई घोषणा कर रहे है जबकि दिल्ली जल बोर्ड का 52 प्रतिशत बर्बाद और चोरी हो रहे पानी को बचाने का कोई उपाय या संसाधन सरकार के पास नही है। भाजपा भी आम आदमी पार्टी की सरकार की तरह कुछ करने की बजाय सिर्फ घोषणा और आरोप लगाकर अपना पल्ला झाड़ रही है। ऐसा लगता है कि रेखा गुप्ता सरकार को जल संकट से जूझते लोगों की परेशानियों से कोई सरोकार ही नही है।

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